सुषमा स्वराज ने खाड़ी देशों के साथ की उच्च स्तरीय बैठक, इराक में बद से बदतर हुए हालात

आज ही एनएसए, कैबिनेट सचिव और एनडीआरएफ प्रमुख की इराक में फंसे भारतीयों की सुरक्षा को लेकर बैठक भी है। इस बैठक के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को जानकारी दी जाएगी।
इस तरह से बचाए जाएंगे इराक में फंसे भारतीय:
नौसेना ने फारस की खाड़ी यानी पर्सियन गल्फ में अपना युद्धपोत आईएनएस मैसूर तैनात कर दिया है। यह फैसला इराक के हिंसाग्रस्त शहरों में फंसे भारतीयों को निकालने के लिए बनी रणनीतिक योजना के तहत किया गया है।
एक लड़ाकू हेलीकॉप्टर, करीब 600 नौसैनिकों और हथियारों के जखीरे से लैस इस जहाज ने शनिवार को करीब साढ़े तीन बजे दिन में खाड़ी के एक मित्र देश की समुद्री सीमा में लंगर डाल दिया। उधर, सरकार ने आपात स्थिति के लिए वायु और थल सेना को भी इस संबंध में तैयार रहने को कहा है। गौरतलब है कि इराक के हालात को देखते हुए सरकार ने वहां फंसे भारतीयों को समुद्री रास्ते से निकालने की योजना बनाई है।
स्वयं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कर रहे निगरानी:
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के स्तर पर निगरानी की जा रही इस योजना के तहत चार हजार से अधिक भारतीयों को समुद्री रास्ते से बड़े जहाजों के जरिए निकालने की तैयारी है।
इस समय इराक में कत्लेआम मचा रहे इस्लामिक स्टेट ऑफ इराक एंड सीरिया (आईएसआईएस) के कब्जे में फंसे 39 भारतीयों और तिरकित के पास एक अस्पताल में फंसी केरल की 46 नर्सों को सुरक्षित बाहर निकालना सरकार के लिए बड़ी चुनौती बनी हुई है।
इसके अलावा इराक के अलग अलग शहरों से वापस आने के इच्छुक भारतीयों को सुरक्षित स्वदेश लाना वहां जटिल होते जा रहे हालात की वजह से सरकार के लिए बड़ी सिरदर्दी भी है।












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