हाईकोर्ट ने दिए मुंबई हवाई अड्डे के पास 48 ऊंची इमारतों के गैरकानूनी फ्लोर गिराने के आदेश
बॉम्बे हाईकोर्ट ने 19 अगस्त से पहले मुंबई अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे के आस-पास की 48-ऊँची इमारतों को ध्वस्त करने का आदेश दिया है। बॉम्बे हाईकोर्ट ने ये आदेश मुंबई उपनगर के कलेक्टर डीजीसीए को दिया है और ये कहा है कि 19 अगस
मुंबई,29 जुलाई: बॉम्बे हाईकोर्ट ने 19 अगस्त से पहले मुंबई अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे के आस-पास की 48-ऊँची इमारतों को ध्वस्त करने का आदेश दिया है। बॉम्बे हाईकोर्ट ने ये आदेश मुंबई उपनगर के कलेक्टर डीजीसीए को दिया है और ये कहा है कि 19 अगस्त से पहले-पहले उन इमारतों को ध्वस्त कर दिया जाए जिनकी लंबाई एक निश्चित सीमा से ज्यादा है। यहां गौर करने वाली बात ये है कि ज्यादा उंचाई वाली 48 इमारतों को पुरा नहीं गिराया जाएगा। नागरिक उड्डयन महानिदेशालय के अनुसार उसकी एक्सट्रा ऊंचाई को कम किया जाएगा।

इमारतों को गिराने की बात दरअसल तब सामने आई जब उच्च न्यायालय वकील यशवंत शेनॉय द्वारा दायर जनहित याचिका (पीआईएल) पर सुनवाई कर रहा थी। इस जनहित याचिका में ऊंची इमारतों से उत्पन्न होने वाले खतरों को लेकर चिंता जताई गई थी। इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड (MIAL) ने पिछली सुनवाई में बॉम्बे हाई कोर्ट को बताया था कि हवाई अड्डे के पास बाधाओं (इमारतों / संरचनाओं) की पहचान करने के लिए 2021-22 का सर्वे किया गया है। जिसमें ये सामने आया है कि बहुत सी ऐसी इमारते हैं जो विमानों के लिए खतरा पैदा कर रहीं हैं।एमआईएएल ने ये भी बताया कि यह सर्वे समय- समय पर किया जाता है। साल 2010 के सर्वे में 137 ऐसी इमारते या संरचनाएं सामने आई जिनकी वजह से विमानों को बाधाओं का सामना करना पड़ रहा था।
इन 137 इमारतों की संरचनाओं में से 63 इमारतों के लिए आदेश पारित किया जा चुका है। इनमें से नौ मामलों में अपील दायर की गई है और छह इमारतों का अनुपालन किया गया है। एमआईएएल ने हाई कोर्ट को बताया कि बची हुई 48 इमारतों की संरचनाओं को तुरंत गिराने की जरूरत है क्योंकि उनके लिए कोई अपील नहीं की गई है।












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