जानिए आखिर क्यों सीबीआई और बंगाल पुलिस के बीच चल रहा है विवाद
नई दिल्ली। पश्चिम बंगाल में सीबीआई और पुलिस विवाद के बीच बड़ा सवाल यह खड़ा हो गया है कि क्या सीबीआई क्या शीर्ष पुलिस अधिकारी के खिलाफ इस तरह की कार्रवाई कर सकती है। लेकिन इस संवैधानिक संकट के बीच इस पूरे मसले पर राजनीतिक संकट कहीं ज्यादा है। आगामी कुछ महीने में लोकसभा चुनाव होने हैं, ऐसे में चुनाव से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के बीच ठन गई है। आपको बता दें कि शारदा चिट फंड मामले में सुप्रीम कोर्ट ने जांच का आदेश दिया है, पुलिस कमिश्नर को कई बार समन भेजा गया लेकिन वह पेश नहीं हुए।

दस्तावेजों को लेकर उलझा मामला
यह पूरा ड्रामा उस वक्त शुरू हुआ जब रविवार शाम को सीबीआआई की 40 अधिकारियों की टीम कोलकाता पहुंची और पुलिस कमिश्नर राजीव कुमार के घर पर पहुंची। सीबीआई राजीव कुमार से शारदा चिट फंड मामले में पूछताछ करने के लिए पहुंची थी। राजीव कुमार मामले की जांच कर रही एसआईटी टीम के मुखिया थे, उनपर आरोप है कि उन्होंने अहम दस्तावेज को मिटाया है, जिसकी सीबीआई तलाश कर रही है। जानकारी के अनुसार एसआईटी के पास पांच मोबाइल फोन, एक लैपटॉप, एक लाल रंग की डायरी और एक पेन ड्राइव पाया गया था। ये सभी अहम सबूत शारदा चिट फंड के मालिक सुदीप्तो सेन के पास से बरामद किया गया था।

ममता बनर्जी खुद पहुंची कमिश्नर के घर
जैसे ही सीबीआई राजीव कुमार के आवास पहुंची मुख्यमंत्री ममता बनर्जी खुद राजीव कुमार के घर आनन-फानन में पहुंचीं और सीबीआई के खिलाफ रणनीति बनानी शुरू कर दी। ममता बनर्जी ने आरोप लगाया कि नरेंद्र मोदी और अमित शाह जानबूझकर उन्हें घेरने की कोशिश कर रहे हैं और उनकी छवि को खराब कर रहे हैं। उनके खिलाफ यह कार्रवाई इसलिए की जा रही है क्योंकि उन्हें मोदी सरकार के खिलाफ विपक्ष को एकजुट करने की मुहिम शुरू की है।

हालात आपातकाल से बदतर
ममता बनर्जी ने कहा कि हालात आपातकाल से बदतर हैं, चुनाव से ठीक पहले संस्थाओं का गलत इस्तेमाल किया जा रहा है। उन्होंने इस पूरे मामले में केंद्र सरकार पर हमला बोलते हुए संविधान बचाओ धरना की शुरुआत कर दी है और बीती रात से धरने पर बैठी हैं। वहीं सीबीआई का कहना है कि हम कुछ भी गलत नहीं कर रहे हैं, सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद मामले की जांच कर रहे हैं। सीबीआई के अंतरिम मुखिया एम नागेश्वर राव हमारे पास कोलकाता पुलिस कमिश्नर के खिलाफ सबूत हैं।

सीबीआई-पुलिस का पक्ष
सीबीआई की कार्रवाई के खिलाफ सीबीआई ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया। सीबीआई ने जुलाई माह में सुप्रीम कोर्ट को बताया था कि कोलकाता और राज्य पुलिस जांच में मदद नहीं कर रही है और संबंधित दस्तावेज नहीं दे रही है। उसके बाद से ही सीबीआई लगातार राजीव कुमार से पूछताछ करने की कोशिश कर रही है। सीबीआई ने राजीव कुमार को कई बार नोटिस भी भेजा है, लेकिन इसपर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी गई है। एक तरफ जहां सीबीआई अपने तमाम सवालों के साथ राजीव कुमार से पूछताछ करने के लिए तैयार थी तो दूसरी तरफ पुलिस का कहना था कि हाई कोर्ट ने 13 फरवरी 2019 तक कमिश्नर से पूछताछ पर रोक लगा दी थी।
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