क्या है तेलंगाना में पर्दे के पीछे का खेल, जानिए क्यों BJP-AIMIM दे सकते हैं BRS को समर्थन
तेलंगाना में मतदान खत्म होने के बाद अब हर किसी को यहां नतीजों का इंतजार है। 3 दिसंबर को आने वाले नतीजों से पहले एग्जिट पोल के जो अनुमान सामने आए हैं वह प्रदेश की सियासत को काफी दिलचस्प बनाने का काम कर रहे हैं।
तेलंगाना में केसीआर की अगुवाई वाली बीआरएस का सीधा मुकाबला कांग्रेस के साथ है। एक तरफ जहां अधिकतर एग्जिट पोल कांग्रेस को बहुमत मिलने का अनुमान जता रहे हैं तो ऐसे में यहां बीआरएस की मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं।

लेकिन इन सब के बीच एक दिलचस्प आंकड़ा सामने आया है। दरअसल प्रदेश में कुछ एग्जिट पोल भाजपा से अधिक सीटें असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी एआईएमआई को दे रहे हैं। एक तरफ जहां भारतीय जनता पार्टी ने अपनी पूरी ताकत यहां चुनाव प्रचार में झोंकी, खुद पीएम मोदी ने यहां प्रचार किया, वहां ओवैसी का भाजपा से आगे निकलना अलग सियासी संदेश दे रहा है।
अहम बात यह है कि कांग्रेस और भाजपा प्रदेश में खुद को मुसलमानों की आवाज के तौर पर आगे कर रही हैं जबकि 13 फीसदी मुस्लिम आबादी वाले प्रदेश में ओवैसी की पार्टी सिर्फ 9 सीटों पर ही मैदान में है। जबकि भाजपा यहां पूरी ताकत के साथ मैदान में उतरी।
दरअसल कुछ महीनों के बाद लोकसभा चुनाव होने हैं, ऐसे में भारतीय जनता पार्टी की हर संभव कोशिश है कि जिन राज्यों में वह सीधे मुख्य दल के तौर पर नहीं है वह वहां कांग्रेस को आगे नहीं आने देना चाहती है और क्षेत्रीय दल को मजबूत होने देना चाहती है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह वजह है कि भाजपा तेलंगाना में सियासी चाल इस तरह से चल रही है कि कांग्रेस यहां पहले नंबर की पार्टी ना बनने पाए और उसे पीछे ढकेला जा सके। यही वजह है कि पर्दे के पीछे ओवैसी और भाजपा के बीच एक सियासी समीकरण को लेकर सवाल उठ रहे हैं।
इसे भी पढ़ें- छत्तीसगढ़ में भाजपा की भरपूर कोशिश के बाद भी भूपेश बघेल सरकार, वजह?
तेलंगाना के एग्जिट पोल पर नजर डालें तो दो सर्वे ऐसे हैं जो भाजपा को ओवैसी की पार्टी से अधिक सीटें दे रहे हैं। न्यूज 24-टुडेज चाणक्य के सर्वे के अनुसार ओवैसी की पार्टी को शून्य तो भाजपा को 7 सीटों पर जीत मिल सकती है। वहीं टाइम्स नाउ-ईटीजी के सर्वे के अनुसार ओवैसी की पार्टी को 5-7 सीटें मिलने का अनुमान है तो भाजपा को 6-8 सीटों पर जीत मिल सकती है।
राजनीतिक विश्लेषकों की मानें तो ओवैसी की पार्टी से भाजपा के आगे निकलने की एक बड़ी वजह यह हो सकती है कि दोनों ही दल बीआरएस को सत्ता में बनाए रखने के लिए आपसी गठजोड़ से चुनाव मैदान में उतरे, ताकि अगर ऐसी स्थिति आती है कि कांग्रेस बढ़त बनाती है और बीआरएस कुछ सीटों से दूर रहे तो दोनों ही बीआरएस को अपना समर्थन दे सकें।
-
Rahul Gandhi Wedding Visit: कौन है दुल्हन तनु, जिसकी शादी में पहुंचे राहुल गांधी? तोहफे में क्या-क्या दिया? -
मजहब की दीवार टूटी और उम्र का फासला भी मिटा, शिवम दुबे से इतने साल बड़ी हैं पत्नी अंजुम, चौंका देगी यह जानकारी -
Weather Delhi-NCR: दिल्ली में अगले 24 घंटे में मौसम लेगा खतरनाक यू-टर्न! IMD के नए अलर्ट ने बढ़ाई टेंशन -
PNG Gas Crisis: घर में सिलेंडर नहीं, पाइप वाली गैस PNG चलती है? दिल्ली-NCR के लोगों के लिए आई बड़ी चेतावनी -
'वो गुस्से में था और मैंने माफ़ी मांगी, टी20 विश्व कप के बाद सूर्यकुमार यादव का सनसनीखेज खुलासा -
'ये लव जिहाद है, मैनेजर ने कर दिया सौदा', कुंभ मेले वाली मोनालिसा ने की शादी, डॉयरेक्टर का सनसनीखेज खुलासा -
ईरान-इजराइल युद्ध के कारण रद्द होगा IPL 2026? जंग के बीच BCCI ने लिया बड़ा फैसला -
Hansika Motwani Divorce: 4 साल में ही इन 4 गलतियों से टूटी हंसिका की शादी? कितनी Alimony मिली-कितने बच्चे? -
धोनी ने उड़ाया मजाक, तो अब आया गौतम गंभीर का बेबाक जवाब, हेड कोच ने किया कभी नहीं हंसने का खुलासा -
अगर वो गाना न होता तो हार जाता भारत? T20 World Cup जीत के बाद कप्तान सूर्यकुमार ने किया चौंकाने वाला खुलासा! -
48000000 की प्राइज मनी से भरा पाकिस्तान का कटोरा, टी20 विश्व कप हारने पर भी मिले कई टीमों से ज्यादा पैसे -
LPG Shortage: 'Rush Booking ना करें', एलपीजी संकट के बीच सरकार का बड़ा बयान, जानें फिर कैसे होगी गैस बुक?












Click it and Unblock the Notifications