लद्दाख में लू-हिमाचल प्रदेश में तपिश, कैसे पाकिस्तान से चली हवाओं ने हिमालय को तपा दिया ?
नई दिल्ली, 2 जुलाई: ज्यादा तापमान के चलते गुरुवार और शुक्रवार को राजधानी दिल्ली और एनसीआर ही नहीं तप रहे थे, हिमालय के कई इलाकों समेत उत्तर भारत के पहाड़ी क्षेत्रों में भी असामान्य रूप से बहुत ज्यादा तापमान दर्ज की गई। एक्सपर्ट के मुताबिक इसकी वजह मौसम की सामान्य व्यवस्था के नदारद रहने और ऊपर से पाकिस्तान से चल रही गर्म हवाएं हो सकती हैं। हिमालय के जिन इलाकों में लोग गर्मी की छुट्टियों में अच्छे मौसम का आनंद लेने के लिए पहुंचते हैं, वहां इन दिनों गर्म हवाओं ने लोगों का जीना मुहाल कर दिया है। एक्सपर्ट मान रहे हैं कि पाकिस्तान से आने वाली बहुत ज्यादा गर्म हवाएं अगर ज्यादा ऊंचाई से गुजर रही हैं तो पहाड़ों का शोला बनना स्वाभाविक है।

पाकिस्तानी हवाओं ने हिमालय को तपाया!
हिमालय में इस साल गर्मी ने क्या रूप दिखाया है, इसका उदाहरण लद्दाख के द्रास से ले सकते हैं। यह इतना ही ठंड इलाका है कि यहां तापमान माइनस 20 डिग्री सेल्सियस तक चला जाता है। लेकिन, गुरुवार को यहां तापमान 22.6 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। मौसम विभाग के मुताबिक गुरुवार को लद्दाख के कई इलाकों में लू चली। नुरबा में 31 डिग्री, लेह में 25.7 डिग्री, कारगिल में 28.5 डिग्री और बेस कैंप में यह 23.4 डिग्री सेल्सयिस तक पारा पहुंच गया। इसी तरह उत्तर भारत के कई और हिस्से भी बहुत ज्यादा गर्म हवाओं और लू के थपेड़ों की गवाह बनी हैं। गर्मियों में दिल्ली-एनसीआर और पूरे देश के लोग हिमाचल प्रदेश की वादियों की ओर निकल जाते हैं। गुरुवार को मौसम विभाग ने जो बुलेटिन जारी किया था उसके मुताबिक यहां के ऊना में 42.5 डिग्री सेल्सियस तापमान रिकॉर्ड किया गया, जो कि सामान्य से 7 डिग्री ज्यादा है। इसी तरह सोलन में पारा 35.5 डिग्री तक चढ़ गया, यह भी सामान्य से 6 डिग्री ज्यादा है।

इस साल हिमालय में असामान्य तापमान-मौसम विभाग
उत्तर भारत के मैदानी इलाकों में मानसून के पहले अक्सर लू चलती है, लेकिन मौसम विभाग के मुताबिक कभी-कभी पहाड़ी इलाकों पर भी ऐसी स्थिति देखी जाती है। वैसे जब इस साल हिमालय के सामान्य तौर पर सर्द रहने वाले इलाकों में ज्यादा तापमान होने के बारे में आईएमडी के डायरेक्टर जनरल मृत्युंजय महापात्रा से सवाल किया गया तो उन्होंने कहा कि इन इलाकों गर्म हवाओं का चलना असामान्य नहीं है। लेकिन, उन्होंने ये भी कहा है कि इस साल जितना तापमान दर्ज किया गया है, वह उन इलाकों के लिए सामान्य नहीं है। उनके मुताबिक मानसून के कमजोर पड़ने से तापमान के सामान्य से ज्यादा होने में मदद मिली है। वैसे उनका ये भी कहना है कि जम्मू और कश्मीर, लद्दाख, असम और अरुणाचल प्रदेश जून-जुलाई में अधिकतम तापमान के लिए जाने जाते हैं।

क्या है लद्दाख में लू का पाकिस्तान कनेक्शन
वहीं आईएमडी में लू पर काम कर रहे वैज्ञानिक नरेश कुमार का कहना है कि हिमालय में सामान्य से ज्यादा तापमान बढ़ने के पीछे पाकिस्तान से आने वाली गर्म हवाएं हो सकती हैं। उन्होंने कहा कि अगर यह हवाएं पांच से छह किलोमीटर की ऊंचाई से बह रही हैं,तो संभावना है कि पहाड़ों में लू चलने के पीछे यही वजह हो सकती है। क्योंकि, मैदानों में ज्यादा तापमान के पीछे ये हवाएं भी एक कारण हैं। मौसम विभाग ने गुरुवार को अगले दो दिनों के लिए पाकिस्तान से चलने वाली गर्म हवाओं के चलते पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली, उत्तरी राजस्थान, उत्तर प्रदेश और उत्तर पश्चिम मध्य प्रदेश में लू चलने की भविष्यवाणी की थी। हालांकि, शुक्रवार दिनभर जबर्दस्त तापमान का सामना करने के बाद दिल्ली-एनसीआर के लोगों को शाम में बारिश की हल्की फुहारों से भीषण तपिश से थोड़ी राहत जरूर मिली है। (तस्वीरें- सांकेतिक)












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