• search
क्विक अलर्ट के लिए
नोटिफिकेशन ऑन करें  
For Daily Alerts

हंदवाड़ा शहीद मेजर सूद की पत्‍नी एकटक देखती रही तिरंगे में लिपटे पति को, तस्‍वीरें देख कर आंखों में आ जाएगा पानी

|

चंडीगढ़। मंगलवार को चंडीगढ़ में पूरे राजकीय सम्‍मान के साथ हंदवाड़ा शहीद मेजर अनुज सूद का अंतिम संस्‍कार कर दिया गया। मेजर सूद की उम्र सिर्फ 31 साल थी और इतनी कम उम्र में उन्‍होंने देश के लिए अपनी जान दे दी। मेजर सूद की पत्‍नी आकृति सिंह जो पेशे से एक इंजीनियर हैं, वह इस समय बेसुध हैं। उनकी कुछ तस्‍वीरें मंगलवार को सामने आईं थीं और इन तस्‍वीरों को देखकर कोई पत्‍थर दिल ही होगा जो नहीं पिघलेगा। अपने पति के ताबूत के पास बैठी आकृति बस उन्‍हें निहार रही हैं। उनकी आंखों में आंसू नहीं हैं लेकिन एक ऐसी तकलीफ है जिसका अंदाजा लगाना किसी के लिए भी मुश्किल नहीं होगा।

यह भी पढ़ें-जम्‍मु कश्‍मीर: पुलवामा में ढेर हिजबुल आतंकी रियाज नाइकू!

    Handwara Encounter :Major Anuj Sood पंचतत्व में विलीन मां,पिता,पत्नी ने किया सैल्यूट| वनइंडिया हिंदी
    एनकाउंटर वाली रात दो बजे हुई थी बात

    एनकाउंटर वाली रात दो बजे हुई थी बात

    मेजर सूद शनिवार को जम्‍मू कश्‍मीर के हंदवाड़ा में हुए एनकाउंटर में शहीद हो गए। मेजर सूद की पत्‍नी आकृति अपने माता-पिता के साथ हिमाचल प्रदेश के धर्मशाला में थीं जब उन्‍हें अपने पति की शहादत की खबर मिली। शनिवार रात दो बजे उनकी व्‍हाट्सएप पर अपने पति से चैट हुई थी और मेजर सूद ने उन्‍हें बताया था कि वह पूरी तरह से ठीक हैं। उस समय एनकाउंटर चल रहा था और कुछ ही घंटों बाद पति के शहीद होने की खबरें आईं। पति के निधन की खबर सुनने के बाद से ही वह बेसुध हैं। किसी से भी बात नहीं कर रही हैं। मेजर सूद के ससुर सूबेदार मेजर (रिटायर्ड) होशियार सिंह ने बताया कि उन्‍हें अपने दामाद पर गर्व है क्‍योंकि वह देश सेवा करते हुए शहीद हुए हैं।

    पति के पास कश्‍मीर जाने की कर रही थीं तैयारी

    पति के पास कश्‍मीर जाने की कर रही थीं तैयारी

    मेजर अनुज सूद का पुश्‍तैनी घर हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिले के देहरा इलाके में हैं मगर उनका परिवार पंचकुला में रहता है। दिसंबर 1989 में जन्‍में मेजर सूद सात साल पहले सेना में कमीशंड हुए थे और सितंबर 2017 में सॉफ्टवेयर इंजीनियर आकृति सिंह से उनकी शादी हुई। नंवबर 2019 के बाद से दोनों की मुलाकात नहीं हुई थी और उस समय अनुज अपनी पोस्टिंग के लिए कश्‍मीर चले गए थे। आकृति ने अपनी जॉब से इस्‍तीफा दे दिया था और वह अपने पति के पास जाने की योजना बना रही थीं। अनुज को 22 मार्च को छुट्टी पर घर आना था लेकिन कोरोना वायरस महामारी की वजह से लॉकडाउन हो गया। इस वजह से वह घर नहीं आ सके।

    पिता बोले मौत के लिए ही तो मिली थी ट्रेनिंग

    पिता बोले मौत के लिए ही तो मिली थी ट्रेनिंग

    उनके पिता, ब्रिगेडियर सूद कहते हैं, 'उसने सर्वोच्‍च बलिदान दिया है। यह उसकी ड्यूटी का हिस्‍सा था और इसके लिए ही तो उसे ट्रेनिंग मिली थी। मुझे उसकी पत्‍नी के लिए दुख हो रहा है क्‍योंकि उनकी शादी को ज्‍यादा समय नहीं हुआ था। लोगों की जिंदगियां बचाना ही उसकी ड्यूटी थी।' मेजर सूद और कर्नल शर्मा एक दूसरे को इंडियन मिलिट्री एकेडमी (आईएमए) के दिनों से एक-दूसरे को जानते थे। नेशनल डिफेंस एकेडमी (एनडीए) के 120 कोर्स से पासआउट मेजर सूद यहां के सबसे ब्रिलीयंट कैडेट थे।

    पिता रिटायर्ड ऑफिसर तो बहन सर्विंग आर्मी ऑफिसर

    पिता रिटायर्ड ऑफिसर तो बहन सर्विंग आर्मी ऑफिसर

    मेजर सूद आईआईटी के लिए भी सेलेक्‍ट हुए थे मगर उन्‍होंने एनडीए को चुना। वह एनडीए के सभी छह टर्म्‍स में टॉर्च होल्‍डर थे और एकेडमी में इसे एक सम्‍मान माना जाता है। इंडियन इंस्‍टीट्यूट ऑफ साइंसेज (आईआईएससी) से उन्‍होंने हाल ही में एमटेक किया था और यहां भी डिस्‍टीक्‍शन के साथ पास हुए थे। मेजर सूद ने सेना में शामिल होने के लिए दुनिया की प्रतिष्ठित कैंब्रिज यूनिवर्सिटी का ऑफर भी ठुकरा दिया था। उनकी बहन भी आर्मी ऑफिसर हैं और पूरा परिवार देश सेवा को समर्पित है। उनकी बहन भी आर्मी ऑफिसर हैं।

    देश-दुनिया की ताज़ा ख़बरों से अपडेट रहने के लिए Oneindia Hindi के फेसबुक पेज को लाइक करें
    English summary
    Heart wrenching pictures of Handwara martyr Major Anuj Sood's wife Akriti Singh.
    For Daily Alerts
    तुरंत पाएं न्यूज अपडेट
    Enable
    x
    Notification Settings X
    Time Settings
    Done
    Clear Notification X
    Do you want to clear all the notifications from your inbox?
    Settings X
    X