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हमारे पास मौजूद हैं जरूरत से तीन गुना ज्यादा हाईड्रॉक्सीक्लोरोक्वीन टेबलेट: स्वास्थ्य मंत्रालय

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नई दिल्ली। कोरोना वायरस से लड़ने में मदद करने वाली मलेरिया की दवा हाईड्रॉक्सीक्लोरोक्वीन को लेकर स्वास्थ्य मंत्रालय ने शुक्रवार को स्थिति साफ की है। स्वास्थ्य मंत्रालय के संयुक्त सचिव लव अग्रवाल ने बताया कि, हमारी घरेलू आवश्यकता एक करोड़ हाईड्रॉक्सीक्लोरोक्वीन इन गोलियों की है, जबकि हमारे पास 3.28 करोड़ हाईड्रॉक्सीक्लोरोक्वीन टैबलेट अभी उपलब्ध हैं। हमारे पास जरूरत से तीन गुना ज्यादा हाईड्रॉक्सीक्लोरोक्वीन की टेबलेट मौजूद हैं।

    Coronavirus : Health Ministry का दावा, जरूरत से 3 गुना ज्यादा Hydroxychloroquine | वनइंडिया हिंदी
     जो दवाएं निर्यात की गईं हैं वह सरप्लस स्टॉक है:लव अग्रवाल

    जो दवाएं निर्यात की गईं हैं वह सरप्लस स्टॉक है:लव अग्रवाल

    स्वास्थ्य मंत्रालय के संयुक्त सचिव लव अग्रवाल ने कहा कि दवा के निर्यात का निर्णय काफी मूल्यांकन के बाद लिया गया। ग्रुप ऑफ मिनिस्टर्स ने निर्यात उद्देश्यों के लिए कुछ अधिशेष दवा स्टॉक जारी करने का निर्णय लिया, लेकिन यह सुनिश्चित करने के बाद कि घरेलू उपयोग के लिए पर्याप्त है। हाइड्रॉक्सीक्लोरोक्वाइन की मांग के पहले से ही कई अनुरोध आए हुए हैं। ग्रुप ऑफ मिनिस्टर्स ने घरेलू स्टॉक और मांग के आलावा जरूरी बफर रखने के बाद निर्यात का फैसला लिया है। जो दवाएं निर्यात की गईं हैं वह सरप्लस स्टॉक है।

    हमारे पास 3.28 करोड़ से अधिक मौजूद है

    लव अग्रवाल ने बताया कि, आने वाले सप्ताह में हमें घरेलू उपयोग के लिए एक करोड़ एचसीक्यू टैबलेट की आवश्यकता होगी। हमारे पास 3.28 करोड़ से अधिक मौजूद है। यह पूरे महीने की आवश्यकता को पूरा करेगी। अग्रवाल ने लोगों से फ्रंटलाइन हेल्थकेयर वर्कर्स के साथ दुर्व्यवहार नहीं करने का भी अनुरोध किया। उनकी टिप्पणी देश के कुछ हिस्सों में इस तरह की घटनाओं के घटित होने के बाद आई है।

    दुनिया के करीब 30 देशों ने भारत से इस दवा की मांग की है

    दुनिया के करीब 30 देशों ने भारत से इस दवा की मांग की है

    हाइड्रोक्सीक्लोरोक्वाइन दवा कोरोना वायरस संक्रमण के दौरान दुनियाभर में चर्चा का विषय बनी हुई है। कोरोना वायरस की रोकथाम के लिए कोई दवा नहीं है लेकिन हाइड्रोक्सी क्लोरोक्वाइन को इस वायरस से लड़ने में कारगर माना जा रहा है। इस दवा का मुख्य तौर पर इस्तेमाल मलेरिया के उपचार के लिए किया जाता है। इसके अलावा आर्थराइटिस के उपचार के लिए भी इसका इस्तेमाल किया जाता है। भारत दुनिया में सबसे ज्यादा हाइड्रोक्सी क्लोरोक्वाइन दवा उत्पादन करने वाले देशों में से एक है। एक रिपोर्ट के मुताबिक अमेरिका सहित दुनिया के करीब 30 देशों ने भारत से इस दवा की मांग की है।

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    English summary
    health minsitry says India has enough hydroxychloroquine to last entire month
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