कोविन के आंकड़ों के लीक होने की रिपोर्ट को स्वास्थ्य मंत्रालय ने किया खारिज
नई दिल्ली, 11 जून। स्वास्थ्य मंत्रालय ने कोविन पोर्टल के आंकड़ों के लीक होने की खबर को सिरे से खारिज कर दिया है। मंत्रालय की ओर से कहा गया है कि कोविन के आंकड़े लीक नहीं हुए और इसके साथ किसी भी तरह की कोई छेड़छाड़ नहीं हुई है। गुरुवार को मंत्रालय की ओर से यह भी कहा गया है कि कोविन सभी टीकाकरण के रिकॉर्ड को पूरी तरह से सुरक्षित और महफूज रखता है। दरअसल यह रिपोर्ट सामने आई थी कि हैकर्स ने कोविन के आंकड़ों को हैक कर लिया है और 150 मिलियन यूजर्स के आंकड़े लीक हो गए हैं, जिसे बिक्री के लिए रखा गया है। लेकिन स्वास्थ्य मंत्रालय ने इन रिपोर्ट्स को खारिज कर दिया है।
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स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा कि मंत्रालय के कंप्यूटर इमरजेंसी रिस्पॉन्स टीम इस पूरे मामले की जांच कर रही है। कोविन डेटा को किसी के साथ साझा नहीं किया गया है। मीडिया में इस तरह की रिपोर्ट आई है कि कोविन के डेटा को हैक कर लिया गया है। शुरुआती जांच में यह पाया गया है कि यह रिपोर्ट फेक है। लेकिन स्वास्थ्य मंत्रालय और इम्पॉवर्ड ग्रुप ऑन वैक्सीन एडमिनिस्ट्रेशन इसकी जांच कर रहे हैं। इस बीच डॉक्टर आरएस शर्मा जोकि इम्पॉवर्ड ग्रुप ऑन वैक्सीन एडमिनिस्ट्रेशन के चेयरनमैन हैं उन्होंने भी साफ किया है कि किसी भी तरह के आंकड़े लीक नहीं हुए हैं और कोविन एप लोगों की जियो लोकेशन नहीं दर्ज करता है।
दरअसल जब केंद्र सरकार ने कोविन पोर्टल पर नए फीचर की जानकारी दी थी, जिसमे कहा गया था कि अब यूजर्स अपनी दी गई जानकारी में सुधार कर सकते हैं। अपने नाम, जन्मतिथि, लिंग आदि में सुधार कर सकते हैं। इसके ऐलान के बाद ही मीडिया में यह रिपोर्ट सामने आई थी कि कोविन पोर्टल पर लोगों के आंकड़े सुरक्षित नहीं हैं और इसमें सेंधमारी हुई है। लेकिन इन रिपोर्ट को केंद्र ने निराधार बताया। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉक्टर हर्षवर्धन ने भी ट्वीट करके इन रिपोर्ट को गलत बताते हुए कहा कि लोगों की जानकारी पूरी तरह से इस पोर्टल पर सुरक्षित है।












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