स्वदेशी कोवैक्सीन के उत्पादन की रफ्तार है बहुत धीमी, अभी तक मिली सिर्फ 5.54 करोड़ खुराक
नई दिल्ली, 21 जुलाई: कोरोना महामारी के खिलाफ युद्धस्तर पर टीकाकरण अभियान जारी है। भारत में अभी सीरम इंस्टीट्यूट की कोविशील्ड और भारत बायोटेक की कोवैक्सीन लोगों को दी जा रही है। पीएम मोदी दावा कर रहे कि पूर्ण रूप से स्वदेशी वैक्सीन "कोवैक्सीन" को दुनिया के कई देशों में सप्लाई किया जाएगा, लेकिन उसके उत्पादन की रफ्तार इतनी धीमी है कि भारत में ही आपूर्ति सही से नहीं हो पा रही। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मंडाविया ने मंगलवार को इसकी विस्तृत जानकारी संसद को दी।

एक सवाल के जवाब में केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि 16 जुलाई तक ICMR की मदद से भारत में विकसित कोवैक्सीन की 5.45 करोड़ डोज सप्लाई हुई, जबकि कोविशील्ड ने 36.01 करोड़ से ज्यादा डोज का निर्माण किया। ऐसे में देखा जाए तो हर महीने एक करोड़ से कम डोज का उत्पादन भारत बायोटेक द्वारा किया गया। सरकार का दावा है कि सितंबर तक इसकी 10 करोड़ डोज का उत्पादन हो जाएगा। वैसे इन दावों के बावजूद विशेषज्ञ कम उत्पादन पर चिंता जता रहे, क्योंकि देश में दो ही प्रमुख वैक्सीन कंपनियां हैं, जबकि आबादी बहुत ज्यादा।
एक अलग सवाल के जवाब में स्वास्थ्य मंत्रालय ने राज्यसभा को ये भी बताया कि हैदराबाद स्थित वैक्सीन निर्माता का लक्ष्य कोवैक्सीन की उत्पादन क्षमता को मौजूदा 2.5 करोड़ खुराक प्रति माह से 5.8 करोड़ तक बढ़ाना है। वहीं दूसरी ओर कुछ दिनों पहले नीति के सदस्य डॉ. वीके पॉल ने कहा था कि भारत बायोटेक उत्पादन बढ़ाने पर तेजी से काम कर रहा है। इसके लिए गुजरात के अंकलेश्वर और बेंगलुरु में वैक्सीन से जुड़ा काम चल रहा है। हालांकि उन्होंने माना था कि बेंगलुरु में कुछ कठिनाइयां कंपनी के सामने आई थीं, जिस वजह से आपूर्ति में कमी हुई।












Click it and Unblock the Notifications