हाथरस: पीड़िता का भाई बोला, बहन का चरित्र हनन करने पर तुली UP पुलिस, नहीं की कभी आरोपियों से बात

हाथरस: गैंगरेप पीड़िता का भाई बोला, बहन का चरित्र हनन करने पर तुली UP पुलिस, नहीं की कभी आरोपियों से बात

हाथरस: उत्तर प्रदेश के हाथरस में 19 साल की दलित लड़की से गैंगरेप के मामले में अब एक कॉल डीटेल्स का ट्विस्ट आ गया है। उत्तर प्रदेश की पुलिस का दावा है कि जांच में खुलासा हुआ है कि मुख्य आरोपी संदीप और पीड़िता के परिवार के बीच 5 महीने में 100 बार फोन पर बात हुई है। इस पूरे मामले को गैंगरेप पीड़िता के भाई ने साजिश बताया है। पीड़ित परिवार ने रेप और हत्या के आरोपियों से किसी भी तरह के संपर्क के बात से इनकार किया है। उन्होंने कहा है कि अगर हमने कोई बात की है तो हमें वो सारे कॉल डीटेल्स दिखाएं जाएं और सुनाए जाएं। पीड़िता के भाई ने यह भी आरोप लगाया है कि यूपी पुलिस उनके बहन का चरित्र हनन करने पर तुली है।

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    Hathras: पीड़िता के बड़े भाई ने कहा- हमारे खिलाफ साजिश

    टाइम्स ऑफ इंडिया में छपी रिपोर्ट के मुताबिक पीड़िता के बड़े भाई ने कहा, यह सब हमारे खिलाफ एक साजिश है। हत्यारे काफी हत्यारे चालाक हैं। वे खुद को बचाने के लिए कुछ भी कर सकते हैं।"

    उन्होंने कहा कि सिम को उनके पिता के लिए 10 साल पहले खरीदा गया था। लेकिन उनके पिता ने अपना फोन खो दिया था। इसलिए मैंने अपने नाम में सिम पंजीकृत करने के लिए अपनी आईडी का उपयोग किया था। फोन हमेशा घर पर रखा रहता था। हर किसी के पास यहां तक कि प्रधान के पास भी हमारा एक ही नंबर है।'

    पीड़िता के बड़े भाई ने कहा- पिता ही करते थे फोन का इस्तेमाल

    पीड़िता के भाई ने कहा, घर पर रखे फोन का ज्यादातर इस्तेमाल उनके पिता ही किया करते थे। लेकिन मुख्य आरोपी संदीप से कभी हमारे किसी घर वाले ने बात नहीं की। बता दें कि संदीप इस मामले का मुख्य आरोपी है और वह पीड़िता के घर की सड़क के दूसरी ओर रहता है।

    वहीं संदीप के परिवार वालों का दावा है कि संदीप पीड़िता के भाई का दोस्त था और उन लोगों में हमेशा बात होती थी।

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    पीड़िता के छोटे भाई ने कहा- फंसा रही है पुलिस हमें, क्योंकि हम गरीब हैं

    पीड़िता का छोटे भाई जो गाजियाबाद में काम करते है, उसने कहा, "यूपी पुलिस हमें इसलिए फंसाने करने की कोशिश कर रही है क्योंकि हम गरीब हैं। हमारे उत्पीड़न का कोई अंत नहीं है ... अगर उनके पास कोई फोन रिकॉर्ड हैं, तो उनके पास सबूत भी होना चाहिए। मैं कॉल रिकॉर्डिंग सुनना चाहूंगा।"

    बता दें कि कॉल डीटेल रेकॉर्ड (CDR) डॉक्यूमेंट में एक ही नंबर का समय, ड्यूरेशन, लोकेशन और कॉल की संख्या दर्ज है।

    'पुलिस बहन के चरित्र हनन करने पर तुली'

    पीड़िता के बड़े भाई ने कहा, "पुलिस हत्या के मामले में उलझी हुई है। पुलिस मेरी बहन का चरित्र हनन करने में जुटी हुई है। मेरी बहन हर समय हमारी निगरानी में रहती थी। मुझे उसपर कोई संदेह नहीं है।" छोटे भाई ने कहा, 'मेरी बहन अनपढ़ थी। वह नंबर तक डायल करना नहीं जानती थी। वह कॉल रिसीव ही कर पाती थी।'

    पीड़िता के बयान के मुताबिक उसके साथ 14 सितंबर 2020 को चार लड़कों ने मिलकर गैंगरेप किया था। घटना सुबह 9 बजे की है , जब वह खेत में काम कर रही थी। पीड़िता की रीढ़ की हड्डी टूट गई थी और जबान अंदर चली गई थी। पीड़िता की 29 सितंबर को दिल्ली के अस्पताल में मौत हो गई थी।

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