हाथरस भगदड़ मामले में अब तक क्यों नहीं हुई 'भोले बाबा' की गिरफ्तारी? UP पुलिस ने किया बड़ा खुलासा
Hathras Stampede 'Bhole Baba': हाथरस सत्संग भगदड़ मामले में उत्तर प्रदेश पुलिस ने गुरुवार (04 जुलाई) को प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुए कहा कि, अब तक इस मामले में छह लोगों को गिरफ्तार कर लिया गया है। इन छह लोगों में 'भोले बाबा' उर्फ नारायण साकार हरि की गिरफ्तारी नहीं हई है। ये वही स्वयंभू संत 'भोले बाबा' हैं, जिनके 'सत्संग' में भगदड़ मची थी।
'भोले बाबा' उर्फ नारायण साकार हरि को इस मामले का आरोपी माना जा रहा है और उनकी अब तक गिरफ्तारी नहीं हुई है, जिसपर सवाल उठाए गए हैं। इस मुद्दे प्रेस कॉन्फ्रेंस में पूछे जाने पर पुलिस महानिरीक्षक (अलीगढ़ रेंज) शलभ माथुर ने कहा है कि, जांच अभी शुरू हुई है और सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर और गिरफ्तारियां की जाएंगी।

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'भोले बाबा' की गिरफ्तारी पर क्या बोली UP पुलिस?
पुलिस महानिरीक्षक (अलीगढ़ रेंज) शलभ माथुर ने कहा कि 'भोले बाबा' उर्फ नारायण साकार हरि, उर्फ सूरज पाल से अभी तक पूछताछ नहीं की गई है। उन्होंने कहा कि,
''ऐसा नहीं है कि हम 'भोले बाबा' उर्फ नारायण साकार हरि, उर्फ सूरज पाल के खिलाफ कार्रवाई नहीं करेंगे, हम जांच में जो कुछ भी सामने आएगा उसके आधार पर गिरफ्तारियां करेंगे...अगर जरूरत पड़ी तो हम बाबा से पूछताछ करेंगे, यह कहना या टिप्पणी करना जल्दबाजी होगी कि उनकी कोई भूमिका है या नहीं।''
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IG शलभ माथुर बोले- हम 'भोले बाबा' के क्राइम हिस्ट्री का पता लगा रहे हैं
आईजी शलभ माथुर का कहना है, "हम 'भोले बाबा' के आपराधिक इतिहास के बारे में भी जानकारी निकाल रहे हैं। उनके नाम पर कार्यक्रम की अनुमति नहीं ली गई थी। हम इसकी भी जांच कर रहे हैं।''
उन्होंने कहा कि एफआईआर में अभी उनका नाम इसलिए नहीं है क्योंकि उनके नाम पर कार्यक्रम की अनुमति नहीं ली गई थी। आयोजन समिति ने अनुमति ली थी और पैनल के सदस्यों को गिरफ्तार कर लिया गया है। कार्यक्रम की अनुमति वेद प्रकाश मधुकर नामक व्यक्ति के नाम पर ली गई थी। उन्होंने बताया कि उसे पकड़ने के लिए टीमें गठित की गई हैं और उसकी गिरफ्तारी में मदद करने वाली सूचना देने वाले को एक लाख रुपये का इनाम दिया जाएगा।''
उन्होंने कहा कि अगर वेद प्रकाश मधुकर से पूछताछ के दौरान अन्य लोगों की भूमिका का पता चलता है, तो हम उसके अनुसार कार्रवाई करेंगे।"
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UP पुलिस ने बताया कौन है सूरज पाल उर्फ 'भोले बाबा'?
'धर्मगुरु' 'भोले बाबा' के खिलाफ पिछले मामलों के बारे में पूछे जाने पर, जिस पर कथित तौर पर यौन उत्पीड़न का भी आरोप है? आईजी शलभ माथुर ने कहा कि अब तक उन्हें जो पता चला है, उसके मुताबिक सूरज पाल यूपी पुलिस में हेड कांस्टेबल था और उसने 2000 में वीआरएस (सेवा से स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति) ले ली थी, जब वह आगरा में तैनात था।''
आईजी शलभ माथुर ने आगे कहा, ''इसके तुरंत बाद, आगरा के शाहगंज पुलिस स्टेशन में उनके खिलाफ एक एफआईआर दर्ज की गई और बाद में उन्हें बरी कर दिया गया। हम पता लगा रहे हैं कि उनके खिलाफ कोई और मामला है या नहीं और इसके लिए हम विभिन्न राज्यों की पुलिस की मदद ले रहे हैं।''
कैसे मची हाथरस में भगदड़?
2 जुलाई की शाम को हाथरस के सिकंदर राव पुलिस स्टेशन की सीमा के अंतर्गत फुलराई गांव में एक 'सत्संग' में भगदड़ मची, जिसमें कम से कम सात बच्चों सहित 121 लोगों की मौत हो गई। पुलिस ने कहा कि 80,000 लोगों के लिए अनुमति दी गई थी, लेकिन कार्यक्रम में 2.5 लाख लोग जमा हो गए थे।
जब सूरज पाल उर्फ 'भोले बाबा'अपनी कार में जा रहे थे, तो भीड़ उनके पीछे छोड़ी गई धूल को आशीर्वाद मानकर इकट्ठा करने के लिए दौड़ पड़ी। भीड़ को नियंत्रित करने के प्रयास में, सूरज पाल के संगठन के स्वयंसेवकों और सुरक्षा के प्रभारी अन्य लोगों ने लोगों को पीछे धकेलना शुरू कर दिया। कई भक्त तटबंध के पास गिर गए और भीड़ ने उन्हें कुचल दिया। अराजकता के बीच, अन्य उपस्थित लोग भागने लगे, जिससे भगदड़ मच गई।
भगदड़ के बाद से चुप्पी साधे रखने के बाद बुधवार 3 जुलाई को एक संक्षिप्त बयान जारी करते हुए सूरज पाल उर्फ 'भोले बाबा' ने पीड़ितों के परिवारों के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त की और कहा कि वह इस त्रासदी के पीछे कथित तौर पर शामिल "असामाजिक तत्वों" के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करेंगे।












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