TCS Nashik Case: मलेशिया भेजने की थी तैयारी, Nida Khan को पनाह देने वाले गैंग के ठिकानों पर चलेगा बुलडोजर!

TCS Nashik Conversion Case: नासिक के चर्चित धर्मांतरण मामले में अब पुलिस की तफ्तीश के साथ-साथ प्रशासन का 'हथौड़ा' भी हरकत में आ गया है। मुख्य आरोपी निदा खान की गिरफ्तारी के बाद छत्रपति संभाजीनगर नगर निगम ने उस मकान को अवैध घोषित कर दिया है, जहां वह फरारी के दौरान छिपी हुई थी। निगम ने सख्त रुख अपनाते हुए मकान को तीन दिन के भीतर ढहाने का अल्टीमेटम दिया है।

इस कार्रवाई के बाद अब यह मामला पूरी तरह से राजनीतिक और प्रशासनिक गलियारों में गरमा गया है। जांच में खुलासा हुआ कि निदा खान छत्रपति संभाजीनगर के नाहरेगांव इलाके में एक घर में छिपी हुई थी। शुरुआती चर्चा थी कि यह मकान पूर्व पार्षद मतीन पटेल का है, लेकिन जांच में मालिकों के नाम हनीफ खान और सैयद सरवर सामने आए।

Nashik Conversion Case

निगम ने इस निर्माण को 'अनधिकृत' करार देते हुए नोटिस जारी किया है। सिर्फ यही नहीं, मतीन पटेल के ऑफिस को भी अवैध मानते हुए वहां नोटिस चस्पा कर दिया गया है।

साजिश के पीछे अंतरराष्ट्रीय तार?

रिपोर्ट्स के मुताबिक, सरकारी वकील अजय मिसर ने कोर्ट में चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। उन्होंने बताया कि यह मामला महज धर्मांतरण तक सीमित नहीं है। आरोप है कि निदा खान ने पीड़िता का 'ब्रेनवॉश' कर उसे 'हानिया' नाम से नए दस्तावेज बनवाने की प्रक्रिया शुरू कर दी थी। आशंका जताई जा रही है कि मालेगांव के कुछ लोगों की मदद से फर्जी कागजात तैयार कर युवती को मलेशिया भेजने की साजिश रची जा रही थी।

AIMIM नेता मतीन पटेल पर पनाह देने का आरोप

पुलिस ने इस मामले में AIMIM नेता और पूर्व पार्षद मतीन पटेल को भी सह-आरोपी बनाया है। आरोप है कि उन्होंने ही निदा खान को यह मकान किराए पर दिलवाया और उसे शरण दी। हालांकि, AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने इस पर तीखी प्रतिक्रिया दी है। ओवैसी ने कहा कि निदा खान को "मीडिया ट्रायल" का शिकार बनाया जा रहा है। उन्होंने तर्क दिया कि बुर्का रखना या धार्मिक किताबें पढ़ना गैर-कानूनी नहीं है और उन्हें न्यायपालिका पर पूरा भरोसा है कि निदा निर्दोष साबित होंगी।

क्या था पूरा मामला?

यह विवाद नासिक के TCS यूनिट से शुरू हुआ था, जहां निदा खान पर आरोप है कि उसने एक युवती को नमाज पढ़ने, हिजाब पहनने और कलमा पढ़ने के लिए मजबूर किया। पीड़िता के मुताबिक, मुख्य आरोपी दानिश ने अपनी पहचान छिपाकर उससे दोस्ती की और बाद में निदा खान ने उसका ब्रेनवॉश किया। पुलिस अब उन विशेष मोबाइल ऐप्स की भी जांच कर रही है, जिन्हें पीड़िता को डाउनलोड करने के लिए कहा गया था।

11 मई तक रिमांड पर निदा

कोर्ट ने निदा खान को 11 मई तक पुलिस हिरासत में भेज दिया है। सुनवाई के दौरान पता चला कि निदा प्रेग्नेंट है, जिसके आधार पर मानवीय आधार पर कोर्ट ने उसकी मां को दिन में दो बार मिलने और जरूरी दवाइयां देने की अनुमति दी है। वहीं, राज्य के मंत्री संजय शिरसाट और नितेश राणे ने इस मामले की गहन जांच और AIMIM के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।

TCS Nashik Case: निदा खान को किसने दी पनाह? मंत्री शिरसाट ने बताया 'असली मास्टरमाइंड' का नाम
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