हाथरस केस: TMC महिला सांसद ने SDM के खिलाफ दर्ज कराई शिकायत, धक्का देने और अभद्र व्यवहार का आरोप
नई दिल्ली। उत्तर प्रदेश के हाथरस में कथित बलात्कार के बाद पीड़िता की मौत से देशभर में गुस्से का माहौल है। राज्य सरकार विपक्ष के निशाने पर है। पीड़िता को न्याय की मांग के लिए दिल्ली से लेकर यूपी तक विरोध प्रदर्शन किए जा रहे हैं। घटना के बाद लगातार राजनीतिक दल पीड़िता के घर जाने की कोशिश कर रहे हैं। एक दिन पहले ही पश्चिम बंगाल की सत्ताधारी पार्टी तृणमूल कांग्रेस के नेताओं ने भी पीड़ित परिवार के पास पहुंचने की कोशिश की। हालांकि उन्हें गांव से बाहर ही रोक दिया गया। अब पार्टी की सांसद ने एसडीएम के खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज करवाई है।
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टीएमसी सांसद प्रतिमा मंडल और पूर्व सांसद ममता ठाकुर ने सदर एसडीएम प्रेम प्रकाश मीणा के खिलाफ ये शिकायत दर्ज करवाई है। इन्होंने एसडीएम पर धक्का देने और अभद्र व्यवहार करने का आरोप लगाया है। आपको बता दें धक्का-मुक्की के दौरान सांसद डेरेक ओ'ब्रायन भी सड़क पर गिर गए थे। वहीं टीएमसी की महिला सांसद प्रतिमा मंडल और ममता ठाकुर ने ब्लाउज खींचे जाने का भी आरोप लगाया है।
तृणमूल कांग्रेस का एक चार सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल शुक्रवार को हाथरस के बूलगढ़ी गांव जाने के प्रयास में था। जिला प्रशासन की टीम ने इन्हें रोकने की कोशिश की। जिसमें राज्यसभा सदस्य डेरेक ओ'ब्रायन के साथ प्रशिक्षु आइएएस अधिकारी पीपी मीणा ने धक्का-मुक्की की। जिससे वह जमीन पर गिर पड़े। इसके बाद हंगामा होने लगा। तृणमूल की नेता ममता ठाकुर ने कहा कि महिला पुलिसकर्मियों ने हमारे ब्लाउज खींचे और हमारी सांसद प्रतिमा मंडल पर लाठीचार्ज किया, वह भी नीचे गिर गईं।

उन्होंने कहा कि महिला पुलिस के होते हुए भी पुलिस ने हमारी सांसद को छुआ। यह शर्म की बात है। डॉ. कालोली घोष दस्तीदार ने कहा कि डेरेक ओ'ब्रायन पर हमला किया गया है। जिला प्रशासन ऐसा कैसे कर सकता है। हमले में ब्रायन घायल भी हैं। टीएमसी सांसद प्रतिमा मंडल ने कहा, 'हमें ममता बनर्जी की ओर से कथित बलात्कार पीड़िता के परिवार से मिलने के लिए भेजा गया ताकि हम अपनी संवेदना व्यक्त कर सकें। हालांकि हमने अपना परिचय दिया, लेकिन हमें उनसे (पीड़ित परिवार) मिलने नहीं दिया गया और पुलिस की ओर से धक्का-मुक्की की गई। यदि वे एक महिला सांसद का सम्मान नहीं कर सकते हैं तो आम लोगों की स्थिति की कल्पना करें।
महिला एमपी को मेल पुलिसकर्मियों द्वारा छुए जाने पर हाथरस सदर एसडीएम पीपी मीणा ने सफाई देते हुए बताया कि, आरोप पूरी तरह से झूठे हैं। महिला कांस्टेबलों ने उनसे वापस जाने का अनुरोध किया क्योंकि किसी को भी गांव में प्रवेश करने की अनुमति नहीं है। जब वे जबरन गांव के अंदर जाने की कोशिश कर रहे थे। तो महिला पुलिसकर्मियों ने उन्हें जाने से रोक दिया।
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