Haryana News: मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने पैक्स किसानों के बकाया ऋण निपटान के लिए एकमुश्त निपटान योजना की घोषणा
हरियाणा के मुख्यमंत्री ने PACS कर्जदारों के लिए एकमुश्त निपटान योजना की घोषणा की, जिसके तहत योग्य किसानों और उनके वारिसों के बकाया कृषि, कृषक और दुकान ऋणों पर ब्याज माफ किया जाएगा, जिससे 2026 तक 681,000 से अधिक किसानों और उनके परिवारों को लाभ होगा।
हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने प्राथमिक कृषि सहकारी समितियों (पैक्स) से जुड़े किसानों को राहत प्रदान करते हुए बकाया अतिदेय ऋणों के निपटान के लिए एकमुश्त निपटान योजना की घोषणा की है। यह योजना 31 मार्च 2026 तक लागू रहेगी। इस मौके पर कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्याम सिंह राणा भी उपस्थित रहे।

मुख्यमंत्री सिविल सचिवालय में आयोजित प्रेस वार्ता को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि वित्त मंत्री के रूप में बजट सत्र 2025-26 में किसानों की पैक्स की तरफ बकाया अतिदेय ऋण के निपटान के लिए योजना लाने की घोषणा की गई थी। उसी घोषणा को मूर्त रूप देते हुए आज यह योजना शुरू की गई है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि इस योजना के तहत पैक्स से ऋण लेने वाले किसान यदि अपनी मूल राशि समिति के खातों में जमा करवा देते हैं, तो उनका पूरा बकाया ब्याज माफ कर दिया जाएगा। इस योजना के तहत 6,81,182 किसानों और गरीब मजदूरों को 2,266 करोड़ रुपये की ब्याज माफी का लाभ मिलेगा।
उन्होंने कहा कि यह योजना उन सभी कर्जदार किसानों के लिए लागू है, जिन्होंने फसली ऋण, काश्तकार ऋण या दुकानदारी के लिए ऋण लिया है और जिनके ऋण 30 सितंबर 2024 तक अतिदेय हो चुके हैं। इसके अलावा, 2.25 लाख मृत किसानों के परिवार भी इस योजना का लाभ ले सकेंगे। यदि उनके वारिस मूल राशि जमा करवा देते हैं, तो उन्हें भी लगभग 900 करोड़ रुपये की ब्याज माफी मिलेगी।
मुख्यमंत्री ने बताया कि मूल राशि जमा कराने के बाद किसान एक महीने बाद अपनी जरूरत के अनुसार अगली फसल के लिए तीन किस्तों में नया ऋण भी प्राप्त कर सकेंगे।
इस अवसर पर राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग और वित्तायुक्त डॉ. सुमिता मिश्रा, नगर एवं ग्राम नियोजन विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव ए.के. सिंह, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव अरुण कुमार गुप्ता, सहकारिता विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव विजेंद्र कुमार, राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग के विशेष सचिव प्रभजोत सिंह, कृषि विभाग के निदेशक राजनारायण कौशिक, नगर एवं ग्राम नियोजन विभाग के निदेशक अमित खत्री, मुख्यमंत्री के उप प्रधान सचिव यश पाल, सूचना, जनसंपर्क, भाषा एवं संस्कृति विभाग के महानिदेशक पार्थ गुप्ता, अतिरिक्त निदेशक (प्रशासन) वर्षा खांगवाल और मुख्यमंत्री के मीडिया सचिव प्रवीण आत्रेय उपस्थित रहे।












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