Haryana Assembly Elections 2024:'ना थका हूं, ना रिटायर हुआ, कांग्रेस में गुटबाजी भी नहीं'-पूर्व CM हुड्डा
Haryana Assembly Elections 2024: हरियाणा विधानसभा चुनाव 2024 को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने अपने और पार्टी के बारे में कई बातें शेयर की हैं। मीडिया को दिए एक साक्षात्कार में 76 वर्षीय भूपेंद्र हुड्डा ने कहा कि वे न तो थके हुए हैं और न ही सेवानिवृत्त हुए हैं। इस बात पर भी जोर दिया कि कांग्रेस आलाकमान बहुमत हासिल करने के बाद हरियाणा का अगला मुख्यमंत्री तय करेगा।

नवंबर तक संभावित हरियाणा विधानसभा चुनाव 2024 में मुख्य रूप से भाजपा और कांग्रेस के बीच मुकाबला होने की उम्मीद है। हुड्डा ने जननायक जनता पार्टी (जेजेपी) और इनेलो-बसपा गठबंधन को सिर्फ वोट काटने वाले बताया। उन्होंने हरियाणा कांग्रेस इकाई में गुटबंदी के दावों को भी खारिज करते हुए कहा कि भले ही मतभेद हो सकते हैं, लेकिन कोई असहमति नहीं है।
वर्तमान में हरियाणा विधानसभा में विपक्ष के नेता भूपेंद्र हुड्डा ने यह भी कहा कि 'कांग्रेस पूरी तरह से तैयार है। लोकसभा चुनाव 2024 में हरियाणा में अच्छा परिणाम आया था। हम तैयार हैं। वे जब चाहें चुनाव घोषित कर सकते हैं। लोगों ने मन बना लिया है और विधानसभा चुनाव 2024 के बाद हरियाणा में कांग्रेस सरकार बनेगी।

जब हुड्डा से पूछा गया कि क्या कांग्रेस को हरियाणा विधानसभा चुनाव 2024 से पहले मुख्यमंत्री पद का उम्मीदवार घोषित करना चाहिए? उन्होंने जवाब दिया कि कांग्रेस पार्टी एक निर्धारित प्रक्रिया का पालन करती है। चुनाव होते हैं, विधायक चुने जाते हैं, पर्यवेक्षक उनके विचार जानने के लिए भेजे जाते हैं, और फिर कांग्रेस आलाकमान तय करता है कि सीएम कौन होगा?
अपने बेटे दीपेंद्र सिंह हुड्डा के हरियाणा मुख्यमंत्री पद के लिए संभावित उम्मीदवारी के बारे में भूपेंद्र हुड्डा ने दोहराया कि ऐसे फैसले आलाकमान विधायकों के विचारों के आधार पर लेता है। "जहाँ तक मेरा सवाल है, मैं न तो थका हुआ हूँ और न ही सेवानिवृत्त।
हुड्डा ने भाजपा के भीतर आंतरिक विभाजन पर भी प्रकाश डाला। बोले कि हाल ही में चुनाव समिति से वरिष्ठ नेता अनिल विज को बाहर रखा गया था। जबकि कांग्रेस पार्टी में कोई गुटबंदी नहीं है। मतभेद होते हैं, स्वाभाविक है, लेकिन मनभेद नहीं हैं।
हरियाणा के आगामी विधानसभा चुनावों के मुख्य मुद्दों पर चर्चा करते हुए भूपेंद्र हुड्डा ने बेरोजगारी और मुद्रास्फीति को संभालने के लिए वर्तमान राज्य सरकार की आलोचना की। बोले कि साल 2014 में जब उन्होंने सत्ता छोड़ी थी तब हरियाणा प्रति व्यक्ति आय, निवेश, नौकरियों, खेल और कानून व्यवस्था में नंबर एक पर था। अब यह बेरोजगारी और मुद्रास्फीति में नंबर एक है।
उन्होंने आगे भाजपा सरकार पर बुनियादी ढांचे के विकास की उपेक्षा करने का आरोप लगाया। बोले कि हमने जो स्टेडियम और सड़कें बनाई थीं, उनका रखरखाव नहीं किया गया और वे खराब हो गई हैं।
हुड्डा ने जोर दिया कि हरियाणा के राजनीतिक परिदृश्य में जेजेपी और इनेलो-बसपा जैसी छोटी पार्टियां महत्वहीन हैं। लोकसभा चुनाव 2024 में उन पार्टियों को एक प्रतिशत वोट भी नहीं मिला। असली लड़ाई कांग्रेस और भाजपा के बीच है। उम्मीद है कि हरियाणा के सभी 36 समुदायों ने कांग्रेस का समर्थन करने का फैसला किया है। सभी 10 लोकसभा सीटों पर कांग्रेस का वोट शेयर बढ़ा है जबकि भाजपा का वोट शेयर कम हुआ है।
उल्लेखनीय है कि 90 सीटों वाली हरियाणा विधानसभा का कार्यकाल 3 नवंबर 2024 को समाप्त हो रहा है। कांग्रेस का लक्ष्य भाजपा से सत्ता छीनना है, जो 2014 से शासन कर रही है।












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