Gyanvapi Masjid:नेहरू का नाम लेकर ओवैसी से क्यों बोले गिरिराज- 'देश संविधान से चलता है, तुष्टीकरण से नहीं'
नई दिल्ली, 16 मई: वाराणसी स्थित ज्ञानवापी मस्जिद विवाद में स्थानीय अदालत के सोमवार के आदेश को लेकर सियासी बवाल शुरू हो गया है। हैदराबाद के सांसद और एआईएमआईएम के चीफ असदुद्दीन ओवैसी ने कोर्ट के आदेश पर बहुत ही सख्त लहजे में टिप्पणी की है तो भाजपा नेता और केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने उनपर जोरदार पलटवार करते हुए पहले प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू तक को इस विवाद में लपेट लिया है। गौरतलब है कि वाराणसी की एक कोर्ट ने सोमवार को मस्जिद परिसर में मिले शिवलिंग वाली जगह को सील करने के साथ ही साथ वहां किसी के प्रवेश पर पाबंदी लगाने का आदेश दिया है। इसपर ट्विटर के जरिए ओवैसी ने अदालत के आदेश पर ही सवाल खड़े कर दिए हैं।

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'मेरी यही आशंका थी और यह सच हो गई है'
वाराणसी के सिविल जज रवि कुमार दिवाकर की अदालत ने सोमवार को ज्ञानवापी मस्जिद परिसर में कोर्ट कमीशन को मिले एक शिवलिंग के मामले में बेहद तत्परता से न केवल उस स्थान को सील करने का आदेश दिया है, बल्कि उस स्थान को सुरक्षित रखने के लिए वहां पर किसी के जाने पर भी रोक लगा दी है। लेकिन, हैदराबाद के सांसद असदुद्दीन ओवैसी को कोर्ट का यह आदेश बहुत ही नागवार गुजरा है। उन्होंने ट्विटर पर इसपर प्रतिक्रिया जाहिर करते हुए लिखा है, 'यह 1949 में बाबरी मस्जिद के टेक्सबुक को ही दोहराया गया है। यह ऑर्डिर ही मस्जिद की धार्मिक स्थिति को बदल देता है। यह 1991 के ऐक्ट का उल्लंघन है। मेरी यही आशंका थी और यह सच हो गई है। इंशाल्लाह ज्ञानवापी मस्जिद थी और कयामत के दिन तक मस्जिद ही रहेगी।'
शिवलिंग वाले स्थान को सील करने के आदेश पर भड़के ओवैसी
इससे पहले ज्ञानवापी में मस्जिद परिसर में सर्वे के तीसरे दिन कुएं से शिवलिंग मिलने की बात सामने आई है और कोर्ट कमीशन की अर्जी पर अदालत ने उस जगह को सील करने और प्रवेश रोकने का बेहद ही सख्त आदेश दिया है। कोर्ट ने वाराणसी के जिलाधिकारी, पुलिस कमिश्नर, पुलिस कमिश्नरेट और सीआरपीएफ कमांडेंट से कहा है कि इसकी सुरक्षा के लिए ये लोग निजी तौर पर जिम्मेदार होंगे। अदालत ने अपने आदेश की तामील की निगरानी करने की जिम्मेदारी उत्तर प्रदेश के डीजीपी और मुख्य सचिव को सौंपी है। कोर्ट इस मामले में मंगलवार को अगली सुनवाई करेगा।
'देश संविधान से चलता है, तुष्टीकरण से नहीं'
लेकिन, बीजेपी के वरिष्ठ नेता और केंद्रीय ग्रामीण विकास और पंजायतीराज मंत्री गिरिराज सिंह ने असदुद्दीन ओवैसी की टिप्पणी पर तीखा हमला किया है। उन्होंने, ओवैसी को जवाब देते हुए ट्विटर पर लिखा है, "देश संविधान से चलता है, तुष्टीकरण से नहीं। यह कार्य नेहरू जी को आजादी के तुरंत बाद कर देनी चाहिए थी।" हालांकि, मंत्री ने यह नहीं साफ किया कि वह पूर्व पीएम नेहरू से किस काम को तुरंत कर दिए जाने की अपेक्षा रखते थे।












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