गुजरात के स्कूल में छात्राओं से पीएम मोदी के नाम CAA के समर्थन में लिखवाए गए पोस्टकार्ड
नई दिल्ली। नागरिकता संशोधन कानून को लेकर गुजरात में एक ऐसा मामला सामने आया है जिसकी वजह से यह सुर्खियों में आ गया है। गुजरात के अहमदाबाद में एक निजी स्कूल की छात्राओं से 7 जनवरी 2020 को एक पोस्टकार्ड लिखवाया जिसमे नागरिकता संशोधन कानून को समर्थन करने की बात कही गई। स्कूल प्रशासन ने पीएम मोदी के लिए छात्रों से यह संदेश लिखवाया। मामला सामने आने के बाद छात्राों के परिजनों ने इसका विरोध किया। परिजनों के विरोध के बाद स्कूल प्रशासन इस मामले में माफी मांग ली है। प्रशासन की ओर से इस पूरे प्रकरण को गलतफहमी करार दिया है।
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परिजनों को वापस लौटाया गया पोस्टकार्ड
परिजनों के विरोध के बाद छात्रों द्वारा लिखवाए गए पोस्टकार्ड को परिजनों को वापस लौटा दिया गया। जानकारी के अनुसार यह मामला गुजरात के अहमदाबाद के गर्ल्स लिटिल स्टार स्कूल की है। यह स्कूल अहमदाबाद के कनकारिया क्षेत्र का है। विद्यालय गुजरात माध्यमिक और उच्च शिक्षा बोर्ड से संबद्ध है। छात्राओं का कहना है कि मंगलवार को स्कूल में शिक्षकों ने ब्लैकबोर्ड पर सीएए के समर्थन में पीएम मोदी को धन्यवाद संदेश लिखा। छात्राओं से कहा गया कि इसे कॉपी में लिखें और पोस्टकार्ड को पीएमओ के पते पर भेजें।
फोटो सौजन्य- इंडियन एक्सप्रेस

पोस्टकार्ड लिखने को कहा गया
स्कूल में पढ़ने वाली कक्षा 10 की छात्राएं जोकि अपनी प्रीबोर्ड की परीक्षाओं की तैयारी में जुटी हैं उन्हें भी स्कूल की ओर से बधाई संदेशों की फोटो कॉपी दी गई। एक छात्रा के पिता ने बताया कि मेरी बेटी कक्षा 6 में पढ़ती है। मुझे मंगलवार को पता चला कि कक्षा दसवीं में पढ़ने वाली छात्राओं से सीएए को लेकर पीएम मोदी को बधाई संदेश देने वाला पोस्टकार्ड लिखने के लिए कहा। उन्होंने कहा कि मेरी बेटी को सीएए के बारे में पता नहीं है, लेकिन फिर भी उन्हें इन सब का हिस्सा बनने के लिए मजबूर किया जा रहा है, जोकि मुझे कतई मजबूर नहीं है।
धमकी दी गई
एक अन्य छात्रा के परिजन ने बताया कि दसवीं कक्षा में पढ़ने वाले छात्र भी इंटरनल परीक्षा में उपस्थित हो रहे हैं और उन्हें भी यह पोस्टकार्ड लिखने के लिए कहा गया। जब इस बात का विरोध किया गया तो छात्राओं को धमकी दी गई कि जो सीएए के समर्थन में पोस्टकार्ड नहीं भेजेगा उसे इंटरनल परीक्षा में बैठने नहीं दिया जाएगा। परिजन का कहना है कि आखिर में छात्रों से पोस्टकार्ड पर अपना पता लिखने के लिए क्यों कहा जा रहा है, वो भी उनके परिजनों की अनुमति के बगैर।
परिजनों से माफी मांगी
बुधवार को जब छात्राओं के परिजन स्कूल पहुंचे और इस घटना के खिलाफ प्रदर्शन किया तो स्कूल प्रशासन ने परिजनों से माफी मांगी और कहा कि यह गलतफहमी की वजह से हुआ है। यही नहीं परिजनों को सीएए के समर्थन में लिखे गए पोस्टकार्ड वापस कर दिए गए। इस मामले में जब स्कूल प्रशासन से बात की गई तो स्कूल की ओर से कहा गया कि हमने किसी राजनीतिक दबाव के चलते छात्राओं से पोस्टकार्ड नहीं लिखवाया। स्कूल के ट्रस्टी और मालिक जिनेश परमसराम ने कहा कि मामले को सुलक्षा लिया गया है। कुछ कक्षाओं में ऐसा किया गया है, लेकिन अब पोस्टकार्ड को वापस लौटा दिया गया है।












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