गुजरात दंगे में नरेन्द्र मोदी को बड़ी राहत, कोर्ट ने दी क्लिन चिट

जकिया की अर्जी के मुताबिक गोधरा कांड के बाद मोदी ने आला पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिया था कि पुलिस हिंदुओं को मुसलमानों पर अपना गुस्सा निकालने से न रोके। संजीव भट्ट के हलफनामे में भी ये बात कही गई है। मोदी ने भड़काऊ भाषण दिए थे जिनकी वजह से समुदायों के बीच दुश्मनी बढ़ी। मोदी सरकार के मंत्री पुलिस कंट्रोल रूम में मौजूद थे और पुलिस के कामकाज में दखल दे रहे थे।
मालूम हो कि मालूम हो कि जकिया जाफरी की याचिका पर उनके वकीलों और एसआईटी के वकील की जिरह मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट बीजे गणात्रा के सामने पांच महीने तक चली, जिसके बाद जाफरी के वकील ने 18 सितम्बर को अदालत को लिखित हलफनामा दिया। एसआईटी ने 30 सितम्बर को लिखित हलफनामा दिया। पहले मजिस्ट्रेट 28 अक्टूबर को फैसला सुनाने वाले थे, पर बाद में इसके लिए 26 दिसंबर की तारीख रखी गई थी।












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