PHDCCI ने आयोजित किया 'डेस्टिनेशन मध्य प्रदेश हेल्थकेयर कॉन्क्लेव-2026', मेडिकल वैल्यू ट्रैवल पर हुआ मंथन
पीएचडी चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (पीएचडीसीसीआई) के मध्यप्रदेश स्टेट चैप्टर ने द सेज ग्रुप और अपोलो सेज हॉस्पिटल्स के सहयोग से होटल सयाजी, भोपाल में 'डेस्टिनेशन मध्यप्रदेश हेल्थकेयर कॉन्क्लेव-2026' का आयोजन किया। कार्यक्रम में स्वास्थ्य, चिकित्सा शिक्षा, आयुष, मेडिकल टूरिज्म, उद्योग, निवेश, रिसर्च और अकादमिक क्षेत्र से जुड़े विशेषज्ञों, नीति-निर्माताओं और विभिन्न संस्थाओं के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया।
कॉन्क्लेव में मध्यप्रदेश को राष्ट्रीय और वैश्विक स्तर पर एक मजबूत हेल्थकेयर और मेडिकल वैल्यू ट्रैवल डेस्टिनेशन बनाने को लेकर विस्तार से चर्चा हुई। पीएचडीसीसीआई मध्यप्रदेश स्टेट चैप्टर के चेयर और द सेज ग्रुप के चेयरमैन एवं प्रबंध निदेशक डॉ. संजीव अग्रवाल ने स्वागत भाषण में कहा कि बेहतर चिकित्सा शिक्षा, आधुनिक स्वास्थ्य सुविधाएं, रिसर्च, इनोवेशन और पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप के जरिए मध्यप्रदेश स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में नई पहचान बना सकता है।

उन्होंने कहा कि पीएचडीसीसीआई सरकार, उद्योग और हेल्थ सेक्टर के बीच बेहतर संवाद स्थापित कर प्रदेश को हेल्थकेयर और मेडिकल टूरिज्म का प्रमुख केंद्र बनाने की दिशा में काम कर रहा है।
उन्होंने कहा कि आधुनिक अस्पतालों, अनुभवी डॉक्टरों, मेडिकल कॉलेजों, बेहतर कनेक्टिविटी, आयुष और वेलनेस की समृद्ध परंपरा के साथ निवेश की संभावनाएं मध्यप्रदेश को देश के उभरते हेल्थकेयर हब के रूप में मजबूत बना रही हैं।
कॉन्क्लेव में किसने क्या कहा?
कार्यक्रम में डॉ. उदयन वाजपेयी ने चिकित्सा शिक्षा और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने पर अपने विचार रखे। वहीं भोपाल मेमोरियल हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर की निदेशक डॉ. मनीषा श्रीवास्तव ने मरीज केंद्रित स्वास्थ्य सेवाओं की जरूरत पर जोर दिया। मध्य प्रदेश पर्यटन बोर्ड के उप संचालक राम कुमार तिवारी ने कहा कि प्रदेश की प्राकृतिक, सांस्कृतिक और आध्यात्मिक विरासत को स्वास्थ्य सेवाओं के साथ जोड़कर मेडिकल और वेलनेस टूरिज्म को नई दिशा दी जा सकती है।
कॉन्क्लेव का मुख्य आकर्षण 'मध्यप्रदेश को वैश्विक हेल्थकेयर डेस्टिनेशन के रूप में स्थापित करने की नई कार्ययोजना' विषय पर आयोजित हाई लेवल राउंडटेबल चर्चा रही। इसका संचालन पीएचडीसीसीआई के वरिष्ठ सचिव अतुल के. ठाकुर ने किया।
इस चर्चा में गिनी गणराज्य के मानद वाणिज्य दूत सोरम प्रभाकर, प्रेस्टिज इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट की प्राचार्य डॉ. रीनू यादव, अटल बिहारी वाजपेयी सुशासन एवं नीति विश्लेषण संस्थान के वरिष्ठ सलाहकार मनोज कुमार जैन, पतंजलि रिसर्च फाउंडेशन के वैज्ञानिक सलाहकार डॉ. राजेश सक्सेना और सर्व लाइफ (ओपीसी) प्राइवेट लिमिटेड के संस्थापक सौमिल तिवारी समेत कई विशेषज्ञों ने अपने सुझाव साझा किए।
किन-किन बातों पर हुई चर्चा?
चर्चा के दौरान हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर, मेडिकल टूरिज्म, निवेश, डिजिटल हेल्थ, आयुष और आधुनिक चिकित्सा के बेहतर तालमेल, रिसर्च, इनोवेशन, स्किल डेवलपमेंट और पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप को मजबूत करने पर फोकस किया गया। विशेषज्ञों ने कहा कि सभी हितधारकों के साझा प्रयासों से मध्यप्रदेश को वैश्विक स्तर का हेल्थकेयर और वेलनेस डेस्टिनेशन बनाया जा सकता है।
कार्यक्रम के अंत में पीएचडीसीसीआई मध्यप्रदेश स्टेट चैप्टर के को-चेयर एवं बायो न्यूट्रिएंट्स (इंडिया) प्राइवेट लिमिटेड के सीएमडी सुमित अग्रवाल ने सभी अतिथियों, वक्ताओं और सहयोगी संस्थाओं का आभार व्यक्त किया। धन्यवाद ज्ञापन पीएचडीसीसीआई मध्यप्रदेश के असिस्टेंट रेजिडेंट डायरेक्टर अनिरुद्ध दुबे ने दिया। कॉन्क्लेव के जरिए मध्यप्रदेश के स्वास्थ्य क्षेत्र, मेडिकल वैल्यू ट्रैवल और हेल्थकेयर निवेश को नई दिशा देने के लिए कई उपयोगी सुझाव सामने आए।












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