गुजरात में बाढ़ का कहर : अब तक 67 की मौत, 7000 से ज्यादा लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया
अहमदाबाद। गुजरात में भारी बारिश के चलते आम जनजीवन पर भयंकर असर देखने को मिल रहा है। पिछले दो दिन से हो रही तेज बारिश से गुजरात के ज्यादातर इलाके बाढ़ की चपेट में हैं। बाढ़ से अब तक 67 लोगों की मौत हो गई है और 7000 से ज्यादा लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। रविवार सुबह 8 बजे से लेकर शाम 4 बजे तक हुई मूसलाधार बारिश से उत्तरी गुजरात और दक्षिणी गुजरात में भयंकर जलभराव देखने को मिल रहा है। प्रशासन के अनुसार गुजरात के बनासकंठा, साबरकंठा और वलसाड में सबसे ज्यादा लोगों पर असर पड़ा है।


दो दिन में हजारों लोग प्रभावित
गुजरात में पिछले दो दिन से भारी बारिश के चलते हजारों लोग प्रभावित हुए हैं। राज्य के मोरबी, राजकोट, सुरेंद्रनगर, बनासकंठा, और अहमदाबाद जिलों में बाढ़ के कारण 7000 से ज्यादा लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है।

बब्बर शेर भी बाढ़ में फंसे
गुजरात का ज्यादातर इलाका बाढ़ की चपेट में है और इसका प्रभाव ना सिर्फ लोगों पर पड़ रहा है बल्कि जानवरों की भी स्थिति खराब है। गुजरात के अमरेली और जूनागढ़ जिलों में ज्यादातर बब्बर शेर रहते हैं और वे भी अब इस भयंकर बाढ़ में फंस गए हैं। वन विभाग और प्रशासन इन्हें बचाने के लिए सर्च ऑपरेशन में लगी है और उन्हें सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने बुलाई मीटिंग
गुजरात के मुख्यमंत्री विजय रुपानी ने बाढ़ से बेहाल सुरेंद्रनगर जिले का दौरा किया। सुरेन्द्रनगर जिले में बाढ़ से सबसे ज्यादा नुकसान हुआ है। यहां की भोगावो नदी अपने चरम पर है और घरों में पानी भी भर गया है। इस जिले में कई पुल टूटने और रेल की पटरियां बहने से यातायात ठप है। यहां बचाव कार्य के लिए एनडीआरएफ, वायुसेना के हेलिकॉप्टर एवं आर्मी को लगाया गया है।
मुख्यमंत्री ने राजकोट में अफसरों के साथ मीटिंग की है जिसमें कहा गया कि प्रशासन किसी भी प्रकार की लापरवाही ना बरतें क्योंकि राज्य में 29 जुलाई तक भारी बारिश के आसार बने रहेंगे।












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