'गुजरात से 40,000 लड़कियां लापता' इसी तर्ज पर 'Gujarat Story' बनाने की मांग करने वालों को पुलिस ने दिया जवाब
फिल्म The Kerala Story के ट्रेलर रिलीज होने के बाद से ही विवाद शुरू हो गया था। भाजपा नेता इस फिल्म का समर्थन कर रहे हैं तो वहीं विपक्षी पार्टियों के नेता इस फिल्म को बैन करने की मांग कर रहे हैं।

फिल्म 'द केरल स्टोरी' के रिलीज होने के बाद मीडिया में एक रिपोर्ट आई, जिसमें दावा किया गया कि 'गुजरात में 5 साल में 40,000 महिलाएं लापता' हो गई हैं। ये राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (NCRB) के डेटा हैं। इस रिपोर्ट के सामने आने के बाद विपक्षी नेताओं समेत कईयों ने सोशल मीडिया पर लिखा कि 'द केरल स्टोरी' की तरह अब 'द गुजरात स्टोरी' कब आएगी। अब गुजरात पुलिस ने ट्वीट कर बताया है कि वो 40 हजार लड़िकयां कहां हैं।
एनसीपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता क्लाईड क्रास्टो ने अपने हालिया बयान में कहा, 'भाजपा फिल्म 'द केरल स्टोरी' का समर्थन कर रही है। उनकी मांग है कि फिल्म को टैक्स फ्री कर दिया जाए। लेकिन अब जब ये बात सामने आ गई है कि पिछले पांच साल में गुजरात से 40 हजार से ज्यादा महिलाएं लापता हुईं। महाराष्ट्र से हर दिन 70 लड़कियां गायब होती हैं तो क्या अब भाजपा 'द गुजरात स्टोरी' और 'द महाराष्ट्र स्टोरी' नाम की फिल्में बनाएगी।''
ऐसे ट्वीट पिछले कुछ दिनों ने कई विपक्षी नेताओं ने किए। ट्विटर पर हैशटैग #GujaratStory टॉप ट्रेंड करने लगा था। अब गुजरात पुलिस ने 08 मई 2023 की शाम ट्वीट कर बताया है कि 40 हजार में से 95 फीसदी महिलाएं अपने घर में हैं और परिवार के साथ संपर्क हैं। वहीं 5 फीसदी लड़कियां अपने घर नहीं जाना चाहती हैं।
गुजरात पुलिस ने कहा, ''राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (एनसीआरबी), नई दिल्ली के डेटा सोर्स का हवाला देते हुए मीडिया रिपोर्ट आई कि गुजरात में 5 साल में 40,000 महिलाएं गायब हो गई हैं। हालांकि, क्राइम इन इंडिया-2020 में प्रकाशित आंकड़ों के मुताबिक 2016-20 की अवधि के दौरान 41,621 महिलाएं लापता हो गई थीं।''
गुजरात पुलिस ने अगले ट्वीट में कहा, ''राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (एनसीआरबी) द्वारा प्रकाशित रिपोर्ट के मुताबिक लापता महिलाओं में से 39,497 (94.90%) महिलाएं गुजरात पुलिस द्वारा खोजे गए हैं और वे अपने परिवारों के साथ एकजुट हैं। उक्त जानकारी क्राइम इन इंडिया- 2020 में भी आई थी।''
गुजरात पुलिस ने अगले ट्वीट में लिखा, ''महिलाओं को खोजने के बाद जांच में पता चला है कि पारिवारिक विवाद, घर से भाग जाने, परीक्षा में असफल होने जैसे कारणों की वजह महिलाएं लापता हो जाती हैं। हालांकि, गुमशुदगी के मामलों की जांच में यौन शोषण, ह्यूमन ट्रैफिकिंग जैसे मामलों का पता नहीं चला है।''
गुजरात पुलिस ने अपने आखिरी ट्वीट में लिखा, ''स्थानीय पुलिस भारत के सुप्रीम कोर्ट के दिशा-निर्देशों के अनुसार लापता व्यक्ति के मामलों की जांच करती है और राष्ट्रीय स्तर पर समन्वय के हिस्से के रूप में अन्य राज्य पुलिस इकाइयों द्वारा ट्रैकिंग के लिए डेटा को एक समर्पित वेबसाइट में फीड किया जाता है।''












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