हार्दिक पटेल का एकई मकसद, बस बीजेपी को किसी तरह हराना है
नई दिल्ली। हार्दिक पटेल ने कांग्रेस को समर्थन दे दिया है और ये साफ कर दिया है कि कांग्रेस सरकार बनाने के बाद आर्थिक सर्वे कराएगी और उसके हिसाब से विधानसभा में आरक्षण के लिए नया कानून बनाएगी। उन्होंने दूसरे राज्यों का हवाला दिया और कहा कि 50 फीसदी से ज्यादा आरक्षण संभव है। उन्होंने ये भी स्पष्ट किया कि वो कांग्रेस के मंच पर नहीं जाएंगे और केवल बीजेपी को हराने के लिए काम करेंगे।

हार्दिक के भाजपा पर आरोप
हार्दिक ने बीजेपी पर संगीन आरोप लगाए हैं कि वो पाटीदार समाज को तोड़ने के लिए निर्दलीय उम्मीदवारों को खड़ा कर रही है और मतदाताओं के एक वोट की कीमत एक हजार रुपए लगा रही है। इसके लिए पार्टी ने 200 करोड़ का फंड जमा किया है। हर विधानसभा में वोट खरीदने के लिए 50 लाख खर्च किए जा रहे हैं। सबसे अहम बात ये है कि वो ढाई साल तक चुनाव या पार्टी की राजनीति से दूर रहेंगे और उन्होंने पाटीदार समाज के लिए कांग्रेस से कोई टिकट नहीं मांगा। कांग्रेस यदि किसी को टिकट देती है तो उसकी मर्जी है या फिर पाटीदार समाज का कोई शख्स चुनाव लड़ता है तो उन्हें कोई दिक्कत नहीं। वो केवल बीजेपी का विरोध करेंगे चाहे उसके पाटीदार प्रत्याशी क्यों न हो। उन्होंने कहा है कि उनकी केवल एक मांग है और वो है आरक्षण। इसके अलावा उनकी कोई मांग नहीं और उनका आंदोलन बीजेपी के खिलाफ है जिसे गुजरात से उखाड़ना है। हार्दिक पटेल ने पाटीदार समाज को भी कहा कि वे या तो बीजेपी के जुल्म सितम सहते रहें या फिर उन्हें यहां से बाहर करें ताकि समाज सुकून से रह सके।

कांग्रेस के पास जाने के सिवा कोई चारा नहीं
हार्दिक पटेल की इन बातों से जो सार निकला है वो ये है कि उनके पास कांग्रेस को समर्थन देने के अलावा कोई चारा नहीं था जिसमें देरी से बीजेपी को फायदा मिल रहा था और उन्हें नुकसान। उनके सहयोगी एक एक कर छिटक रहे थे। इसके अलावा पाटीदार समाज में भी कांग्रेस के समर्थन को लेकर भ्रम का माहौल पैदा हो रहा था। यही नहीं उनके कई सहयोगी अलग अलग बयानबाजी भी करने लगे थे जिसको लेकर भी उन्होंने आज कड़े तेवर दिखाए और साफ कर दिया है कि वो जो कहेंगे, वही अधिकृत होगा। पाटीदार को आरक्षण मिलेगा, कितना मिलेगा और कब मिलेगा, ये चुनाव के बाद ही साफ होगा या फिर कांग्रेस ने जो 20 फीसदी अलग से आरक्षण की बात रखी है, उसे सरकार में आने के बाद लागू किया जाएगा। ये सारे सवाल अब भी बने हुए हैं। हां, इतना तय है कि अब हार्दिक पटेल को लेकर कांग्रेस की दुविधा दूर हो गई है और बीजेपी को इस पाटीदार वोट बैंक को जोड़े रखने की फिक्र बढ़ गई है।

लगातार राज्य के दौरे पर हार्दिक
हार्दिक पटेल लगातार राज्य का दौरा करने में जुटे हुए हैं और उनके भाषणों का निचोड़ केवल इतना ही है कि बीजेपी को हराना है। उनकी ये अपील वोट में कितनी तब्दील होगी, इसी पर चुनाव के नतीजे निर्भर करेंगे। फिलहाल इतना जरूर हुआ है कि कांग्रेस ने उनके समर्थन से राहत की सांस ली है।
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