गुजरात: पिछले तीन दिनों में 3 बार भूकंप के बड़े झटके, अबतक 20 बार कांप चुकी है धरती
नई दिल्ली- गुजरात इस समय कोरोना वायरस की भयंकर चपेट में है। 24 हजार से ज्यादा मामले सामने आ चुके हैं और 15 सौ से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है। ऐसी गंभीर त्रासदी के बीच पिछले तीन दिनों में तीन-तीन बार आए भूकंप और उनके बाद आए कम से कम 17 बार भूकंप के हल्के झटकों ने प्रदेश के लोगों में दहशत पैदा कर दी है। राहत की बात ये है कि अब तक प्रदेश में कहीं से भी भूकंप से किसी तरह की जानमाल के नुकसान की कोई खबर नहीं है। लेकिन, लोगों के मन में डर जरूर बैठ चुका है कि पता नहीं कुदरत क्या संकेत देना चाह रही है?

गुजरात में पिछले तीन दिनों 20 बार कांप चुकी है धरती
गुजरात में रविवार को आए रिक्टर पैमाने पर 5.3 तीव्रता वाले भूकंप के बाद कच्छ जिले के लोग दो बार और अलग-अलग भूकंप के बड़े और उसके बाद के 17 हल्के झटके महसूस कर चुके हैं। गांधीनगर के इंस्टीट्यूट ऑफ सिस्मोलॉजिकल रिसर्च के अधिकारियों ने मंगलवार को बताया है कि रविवार को कच्छ समेत प्रदेश के कुछ हिस्से में आए भूकंप के बाद सोमवार को आए 4.6 और 4.1 तीव्रता वाले दो झटकों को उन्होंने दो अलग-अलग भूकंप माना है, क्योंकि ये दोनों भूकंप अलग-अलग फॉल्टलाइंस में हुए हैं। गांधीनगर स्थित आईएसआर के डायरेक्टर सुमेर चोपड़ा ने कहा है कि दोनों भूकंप मेन साउथ वाघाड फॉल्टलाइन के अलग-अलग ब्रांचों में आए हैं। इनमें से सोमवार को दोपहर बाद 12.57 पर आए भूकंप का केंद्र कच्छ के भचाउ से 15 किलोमीटर उत्तर-उत्तरपूर्व में था और शाम 3.56 पर आए भूकंप का केंद्र भचाउ के 6 किलोमीटर उत्तर-उत्तरपश्चिम में था।
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भूकंप के 3 बड़े और 17 हल्के झटके से कांपी धरती
बता दें कि सोमवार को आए उन दोनों भूकंपों के बाद मंगलवार को सुबह 10.49 मिनट पर 3.7 तीव्रता वाला आखिरी हल्का झटका महसूस किया गया, जिसे वैज्ञानिक आफ्टरशॉक मान रहे हैं। जबकि, उन दोनों भूकंपों के बाद आए तीन झटके जिनकी तीव्रता 2.3,1.7 और 1.9 आंकी गई, सोमवार के रात में दर्ज की गई थी। सुमेर चोपड़ा के मुताबिक, 'ये सारे आफ्टरशॉक्स रविवार के भूकंप के बाद के नहीं हैं।....'इस तरह से रविवार से लेकर मंगलवार सुबह तक गुजरात के लोग कुल 20 बार भूकंप के बड़े और हल्के झटके महसूस कर चुके हैं। चोपड़ा के मुताबिक रविवार को जो 5.3 तीव्रता वाला भूकंप आया था, वह साउथ वाघाड फॉल्ट में था, जो कि फॉल्ट के कई ब्रांचों का एक सिस्टम है। ऐसे में जब कोई ज्यादा तीव्रता वाला भूकंप आता है तो वह नजदीकी ब्रांचों को भी हिला देता है और अपनी ऊर्जा उसे दे देता है। इसलिए, वैज्ञानिकों ने रविवार के सबसे बड़े और सोमवार के दो झटकों को अलग-अलग भूकंप माना है और बाकी को आफ्टशॉक्स माना है।

अहमदाबाद में भी घरों से बाहर निकल पड़े लोग
इन तीन दिनों में सबसे बड़ा भूकंप रविवार को रात 8.13 बजे कच्छ और राजकोट एवं पाटन समेत गुजरात के कई हिस्सों में आया था। 5.3 तीव्रता वाले इस भूकंप के झटके की वजह से अहमदाबाद में भी लोग कोरोना का डर भुलाकर अपने घरों से बाहर निकल गए थे। कच्छ जिला प्रशासन के मुताबिक इन किसी भी भूकंप या उसके बाद आए झटकों से किसी को नुकसान पहुंचने या संपत्ति की हानि होने की कोई सूचना नहीं है। बता दें कि कच्छ का इलाका भूकंप के लिहाज से बहुत ज्यादा जोखिम वाला है और कम तीव्रता वाले भूकंप के झटके वहां अक्सर महसूस किए जाते रहते हैं।












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