गाय जिम्मेदार नहीं हो सकती, गुजरात में एक व्यक्ति ने खुद के खिलाफ दर्ज करवाई FIR,वजह जानिए
अहमदाबाद, 4 अक्टूबर: आवारा पशु कई राज्यों के लोगों के लिए समस्या बने हुए हैं। अदालतें भी इसको लेकर चिंता जता चुकी हैं और आवश्यक दखल भी दे चुकी हैं। लेकिन, जमीन पर यह समस्या खत्म नहीं हो रही। जबकि, तथ्य यह है कि आवारा पशु सड़क दुर्घटनाओं के सबसे बड़े कारणों में से एक हैं। लेकिन, गुजरात के खेड़ा में एक आवारा पशु की वजह से जब एक व्यक्ति की मौत हो गई तो दूसरा शख्स किसी भी कीमत पर उस गाय या उसके मालिक को जिम्मेदार मानने को तैयार नहीं हुआ। उसने हादसे के लिए खुद को जिम्मेदार ठहराया और पुलिस में अपने ही खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करवा दी।

अपने ही खिलाफ दर्ज करवाई एफआईआर
गुजरात हाई कोर्ट ने पिछले महीने ही अधिकारियों को निर्देश दिया है कि आवारा पशुओं की समस्या से निजात पाने के लिए कुछ ठोस कदम उठाए जाएं। क्योंकि, आवारा पशु सड़क हादसों के लिए बहुत बड़े जिम्मेदार साबित हो रहे हैं और सड़क दुर्घटनाओं में होने वाली मौतों के सबसे बड़े कारणों में से एक हैं। लेकिन, हर कोई यह मानने के लिए तैयार नहीं है। सच तो यह है कि गुजरात के खेड़ा जिले में एक आवारा पशु की वजह से हुई सड़क दुर्घटना के लिए एक व्यक्ति ने ना सिर्फ खुद को जिम्मेदार माना है, बल्कि खुद ही पुलिस में अपने खिलाफ मुकदमा भी दर्ज करवा दिया है।

गाय के चलते सड़क हादसे में हुए एक शख्स की मौत
मामला गुजरात के खेड़ा का है। यहां दो लोग बाइक से सड़क पर जा रहे थे। अचानक सामने से भागती हुई एक गाय आई और बाइक चलाने वाले का बैलेंस बिगड़ गया और वह दुर्घटनाग्रस्त हो गई। हादसे में बाइक पर पीछे बैठे शख्स के सिर में गंभीर चोटें लगीं और उसने मौके पर ही दम तोड़ दिया। लेकिन, शनिवार को 23 साल के राहुल वंजारा नाम के शख्स ने खेड़ा टाउन पुलिस के पास अपने खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करवाई है। जिस व्यक्ति की सड़क दुर्घटना में मौत हो गई, वह 37 साल के हसमुख वंजारा थे, जो कि बाइक चलाने वाले के चचेरे भाई थे।

गाय को बचाने की कोशिश में हादसा- एफआईआर
पुलिस में दर्ज एफआईआर के मुताबिक शनिवार दोपहर को वे दोनों खेड़ा के पारा दरवाजा के पास अपने काम पर गए हुए थे। बाद में दोनों राहुल की बाइक पर पास के बाजार में चाय पीने के लिए निकल गए थे। पुलिस प्राथमिकी में राहुल ने कहा है, 'मैं लापरवाह होकर काफी तेज ड्राइव कर रहा था। एक तीखे मोड़ के पास, एक गाय अचानक तेजी से दौड़ती हुई मेरी तरफ आ गई। मैंने गाय को बचाने की कोशिश में गाड़ी पर से नियंत्रण खो दिया।'

हसमुख को सिर में लगी थी गंभीर चोट
बाइक अनबैलेंस हो जाने के चलते राहुल सड़क किनारे झाड़ियों में गिर गए, जबकि उनके चचेरे भाई हसमुख सड़क पर ही गिर गए, जिसके चलते उनके सिर में गंभीर चोटें आईं। राहुल के मुताबिक 'गाय को बचाने की कोशिश में मेरा गाड़ी पर से नियंत्रण छूट गया। मैं रोड किनारे झाड़ियों में गिरा और जख्मी हो गया।.....मेरा भाई सड़क पर गिरा और उसके सिर में काफी चोट आई।' उन्होंने बताया कि हसमुख कुछ सेकेंड के लिए उठकर खड़े भी हुए, लेकिन फिर से गिर पड़े। इससे उनको और ज्यादा चोटें आईं।

मौके पर ही हुई बाइक सवार की मौत
राहुल ने फॉरन एंबुलेंस सर्विस को बुलाया और घटनास्थल पर जो पैरामिडिक्स वाले आए, उन्होंने उन्हें मृत घोषित कर दिया। उन्होंने एफआईआर में कहा है, 'मैंने 108 एंबुलेंस सर्विस बुलाई और पैरामिडिक्स वाले जो मौके पर आए उन्होंने हसमुख को मृत घोषित कर दिया।' राहुल की शिकायत पर पुलिस ने उनके खिलाफ लापरवाही और तेज गति से वाहन चलाने से मौत के आरोपों में केस दर्ज किया है।

गाय या उसके मालिक कैसे हो सकते हैं जिम्मेदार- राहुल
टाइम्स ऑफ इंडिया से बातचीत में राहुल ने कहा है कि उनके चचेरे भाई की मौत उनकी लापरवाही के चलते हुई है, इसलिए उन्होंने अपने ही खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज करवाई है। उन्होंने कहा, 'गाड़ी मैं चला रहा था, इसलिए यह मेरी लापरवाही थी, जिसके चलते मेरे चचेरे भाई की मौत हुई। इसलिए मैंने अपने खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है। ' उन्होंने कहा, 'पशु को खुले में छोड़ देना उसके मालिक की गलती थी। लेकिन, गाय या उसके मालिक को दुर्घटना के लिए कानूनी तौर पर कैसे जिम्मेदार ठहराया जा सकता है?'

आवारा पशुओं का मामला फिर सुर्खियों में
राहुल और हसमुख दोनों खेड़ा शहर के वंजारावास इलाके के हैं। पुलिस ने मृतक को इस घटना के एकमात्र गवाह के तौर पर नाम दर्ज किया है और राहुल के खिलाफ संबंधित धाराओं में केस दर्ज करके आगे की कार्रवाई शुरू की है। यह घटना यूपी से लेकर गुजरात तक में आवारा पशुओं की समस्या की ओर एक बार फिर ध्यान खींच रही है, जिसे ठीक करने के दावे तो बहुत किए जाते हैं, लेकिन सबको पसंद आने वाला कोई हल नहीं निकल पा रहा है। (तस्वीरें- सांकेतिक)












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