क्या पाटीदार आरक्षण आंदोलन वापस लेंगे हार्दिक पटेल?
सवाल ये है कि क्या हार्दिक पटेल अपने वादे के अनुसार पाटीदार आंदोलन वापस ले लेंगे? हार्दिक ने कहा था कि सौराष्ट्र में अगर बीजेपी को 10 सीटें भी मिल जाएं तो वे अपना आंदोलन वापस ले लेंगे। गुजरात के जो चुनाव नतीजे सामने आ रहे हैं उसके मुताबिक हार्दिक पटेल के लिए मुश्किल घड़ी है।

नई दिल्ली। सवाल ये है कि क्या हार्दिक पटेल अपने वादे के अनुसार पाटीदार आंदोलन वापस ले लेंगे? हार्दिक ने कहा था कि सौराष्ट्र में अगर बीजेपी को 10 सीटें भी मिल जाएं तो वे अपना आंदोलन वापस ले लेंगे। गुजरात के जो चुनाव नतीजे सामने आ रहे हैं उसके मुताबिक हार्दिक पटेल के लिए मुश्किल घड़ी है। हालांकि यहां से कांग्रेस को लीड मिली है लेकिन बीजेपी ने भी हार्दिक के दावों से उलट अच्छा प्रदर्शन दिखाया है।

सौराष्ट्र में हार्दिक पटेल का प्रभाव
कच्छ सौराष्ट्र में बीजेपी कांग्रेस से बहुत पीछे नहीं है। सौराष्ट्र पाटीदार बहुल इलाका है। यहीं हार्दिक पटेल का सबसे ज्यादा प्रभाव रहा है। कांग्रेस को हार्दिक पटेल से समझौते के बाद सबसे ज्यादा उम्मीद यहीं से थी। वैसा प्रदर्शन कांग्रेस यहां नहीं कर पायी है जैसी कि उम्मीद की जा रही थी। कांग्रेस फिर भी अपनी बढ़त को लेकर खुश हो सकती है, मगर हार्दिक पटेल के लिए सौराष्ट्र के चुनाव नतीजे परेशान करने वाले हैं।

राह मुश्किल हो सकती है
पाटीदारों के लिए आरक्षण को लेकर जो आंदोलन हार्दिक पटेल के नेतृत्व में हो रहा है उसका भविष्य गुजरात विधानसभा चुनाव से जुड़ चुका है। कांग्रेस के साथ समझौते के बाद हार्दिक पटेल को उम्मीद थी कि अगर उनकी मदद से कांग्रेस सरकार आ जाती है तो आरक्षण को लेकर तय समझौते के अनुसार आगे बढ़ा जा सकता है। मगर, नतीजे मनमुताबिक नहीं आने पर आगे की राह मुश्किल होने वाली है।

भाजपा को सौराष्ट्र में मिलेंगी कितनी सीटें?
हार्दिक पटेल इस बात पर संतोष कर सकते हैं कि आम तौर पर पाटीदारों का बहुमत उनके साथ है लेकिन यह उनके आंदोलन की सफलता के लिए काफी नहीं है। जिस तरीके से बीजेपी के लिए 10 सीटें भी निकाल पाने की चुनौती हार्दिक ने दी थी, उसका मतलब यही था कि वे सौराष्ट्र से बीजेपी का सफाया कर देने के मूड में थे। लेकिन ऐसा हो नहीं सका।

हार्दिक वापस लेंगे पटेल आरक्षण आंदोलन?
ऐसे में बड़ा सवाल यही है कि हार्दिक पटेल की राजनीति का भविष्य क्या रहने वाला है। पाटीदार आंदोलन की अगली रूपरेखा क्या होने वाली है। क्या कांग्रेस खुलकर पाटीदारों के लिए आरक्षण आंदोलन का साथ देगी, यह भी बड़ा सवाल है। मगर फिलहाल तो सवाल यही है कि क्या हार्दिक पटेल अपने वादे के अनुसार पटेल आरक्षण आंदोलन को वापस लेंगे या वे इस आंदोलन से अलग हो जाएंगे? चुनाव नतीजे ने इस सवाल को जिन्दा कर दिया है।












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