दूल्हे की जिद के आगे झुके गांव वाले, बाढ़ के पानी में नाचते हुए दुल्हन को लेने पहुंची बारात
नई दिल्ली। साल 2020 में देश को कोरोना महामारी के साथ-साथ कई प्रकृतिक आपदाओं का भी सामना करना पड़ रहा है। मानसून के चलते बिहार और उसके आस-पास के राज्यों को भीषण बाढ़ का सामना करना पड़ रहा है, लेकिन अब लगता है कि इन राज्यों के लोगों ने बाढ़ के साथ जीना सीख लिया है। बिहार के लोग ऐसे चुनौती भरे समय में भी खुशियां मनाने की भी कला बखूबी जानते हैं। इसका एक ताजा उदाहरण हाल ही में सामने आया है।

बाढ़ के पानी को पारकर दूल्हा पहुंचा दुल्हन के घर
दरअसल, कोरोना काल में भी लोग कहीं डिजिटल तो कहीं गाइडलाइन का पालन करते हुए शादी कर रहे हैं। बिहार के मुजफ्फरपुर में एक दूल्हे के सामने कोरोना के अलावा बाढ़ भी उसकी शादी में बड़ा रोड़ बन रही थी। ऐसे में उसने अपनी दुल्हन को लाने की बेताबी में बाढ़ की भी परवाह नहीं की। दूल्हा बाढ़ के पानी को पारकर गाजे-बाजे और बराती संग ब्याह रचाने पहुंच गया। इस अनोखी शादी को देखने के लिए पूरा गांव इकट्ठा हो गया।

बाढ़ भी नहीं रोक सकी शादी
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक बारात समस्तीपुर के ताजपुर थाने के मुसापुर गांव से मुजफ्फरपुर के सकरा के भटण्डी गांव पहुंची थी। लॉकडाउन से पहले ही मुसापुर के मोहम्मद इकबाल के पुत्र मोहम्मद हसन रजा का निकाह सकरा भटण्डी गांव में रहने वाली मजदा खातून के साथ तय किया गया था। हालांकि कोरोना वायरस के चलते अभी तक शादी को टाल दिया गया था। इसी बीच जब लॉकडाउन में थोड़ी ढील मिली तो नहर का तटबंध टूटने से दुल्हन का गांव बाढ़ में घिर गया।

सोशल मीडिया पर शादी वायरल
बाढ़ को देखते हुए दोनों पक्षों की ओर से निकाह की तारीख को बदलने पर विचार-विमर्श किया गया लेकिन बात नहीं बनीं। दूल्हे ने निकाह के लिय तय तारीख पर ही बारात ले जाने की जिद पकड़ ली। पानी से घिरे गांव में भी बारातियों ने जमकर डांस किया तो शादी कर दुल्हन को भी दूल्हा अपने साथ ले गया। इस शादी का एक वीडियो भी सामने आया है जो सोशल मीडिया पर काफी वायरल हो रहा है।

दूल्हे की जिद के आगे झुके गांव वाले
उधर, बाढ़ की वजह से लड़की के गांव में शादी की तैयारी में टेंट के लिए सामान कई बार लाए और लौटाए गए। बारात आने से ठीक पहले गांव के लोगों ने रास्ते का मुआयना किया, फिर लड़के वालों को दुल्हन के घर जाने में आ रही दिक्कतों से अवगत कराया। इतने पर भी लड़के ने हार नहीं मानी और सभी को उसकी जिद के आगे झुकना पड़ा। दूल्हे ने पहले गाड़ी भटण्डी गांव की सीमा तक गाड़ी में सफर किया उसके बाद नाव में बैठकर दुल्हन के घर तक पहुंचा।

घुटने से ऊपर पानी में पैदल चलकर पहुंचा दूल्हा
इस दौरान दुल्हे के साथ-साथ बाराती उसी बाढ़ के पानी में गाजे-बाजे के साथ नाचते हुए जा रहे थे। बीच में जब नाव ने भी दूल्हे को साथ छोड़ दिया तो कुछ दूर उसे घुटने से ऊपर पानी में पैदल चलकर अपने ससुराल पहुंचना पड़ा। इस दौरान स्थानीय युवकों ने दूल्हे और बारातियों को सुरक्षित ले जाने में मदद की और पूरे रस्मो रिवाज के साथ निकाह हुआ फिर विदाई भी हुई। जानकारी के मुताबिक दूल्हे को 200 मीटर दूर तक पानी में चलकर जाना पड़ा था। अनोखे तरीके से हुई इस शादी की चर्चा सोशल मीडिया के साथ ही आसपास के इलाकों में तेजी से हो रही है।
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