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भड़काऊ भाषण पर FIR का आदेश देने वाले जस्टिस मुरलीधर का ग्रैंड फेयरवेल, वकीलों की उमड़ी भीड़

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नई दिल्ली। पिछले दिनों दिल्ली हिंसा मामले में पुलिस को फटकार लगाने वाले दिल्ली हाईकोर्ट के जस्टिस एस मुरलीधर का गुरुवार को विदाई समारोह हुआ। फेयरवेल कार्यक्रम दिल्ली हाईकोर्ट में रखा गया। जस्टिस मुरलीधर को फेयरवेल देने के लिए दिल्ली हाईकोर्ट में प्रैक्टिस कर रहे तमाम वकीलों की भीड़ उमड़ आई।बता दें कि एक सरकारी आदेश के तहत जस्टिस मुरलीधर का तबादला पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट कर दिया गया है।

फेयरवेल देने हाईकोर्ट में उमड़े वकील

फेयरवेल देने हाईकोर्ट में उमड़े वकील

दरअसल दिल्ली हिंसा को लेकर जस्टिस एस मुरलीधर ने आधी रात को सुनवाई की थी और घायलों को समुचित इलाज और सुरक्षा मुहैया कराने का निर्देश भी दिया था। उन्होंने भड़काई भाषण देने के लिए बीजेपी नेताओं पर दिल्ली पुलिस का कार्रवाई ना करने पर उन्हें फटकार लगाई थी। जिसके बाद उनके ट्रांसफर की खबरें सामने आईं थी। जिसे लेकर काफी विवाद हुआ था। दिल्ली हाईकोर्ट के जज के तौर पर उन्होंने 27 फरवरी को आखिरी सुनवाई की। दिल्ली हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस डीएन पटेल ने विदाई समारोह में कहा, हम आज एक अहम जज को विदाई दे रहे हैं. जो कि कानून के किसी भी विषय पर चर्चा कर सकता था और किसी भी मामले की व्याख्या कर सकता था।

 बार एसोसिएशन ने बताया 'कोहिनूर'

बार एसोसिएशन ने बताया 'कोहिनूर'

अब जस्टिस एस मुरलीधर के फेयरवेल कार्यक्रम के दौरान एक फोटो भी सामने आया है। जिसमें कोर्ट परिसर में भारी संख्या में वकीलों की भीड़ देखी जा सकती है। जस्टिस मुरलीधर को अलविदा कहने के लिए इतने लोग पहुंचे कि वहां बैठने की जगह तक नहीं बची और लोग सीढ़ियों पर खड़े हो गए। 27 फरवरी को एक मामले में फैसला देने के बाद न्यायमूर्ति एस मुरलीधर ने कहा, दिल्ली उच्च न्यायालय के न्यायाधीश के नाते यह मेरा आखिरी न्यायिक कार्य है। वहीं दिल्ली हाईकोर्ट बार एसोसिएशन के सचिव अभिजात ने कहा, दिल्ली हाईकोर्ट का कोहिनूर 100 किलोमीटर दूर जा रहा है।

'हाईकोर्ट ने कभी किसी जज की इतनी शान से विदाई नहीं देखी'

'हाईकोर्ट ने कभी किसी जज की इतनी शान से विदाई नहीं देखी'

वहीं सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता प्रशांत भूषण ने ट्वीट कर कहा, "हाईकोर्ट में आज न्यायमूर्ति मुरलीधर को विदाई दी गई, जिन्हें दिल्ली पुलिस को दंगा अधिनियम पढ़कर सुनाने के दिन रात 11 बजे स्थानांतरित कर दिया था। हाईकोर्ट ने कभी किसी जज की इतनी शान से विदाई नहीं देखी। उन्होंने दिखाया कि शपथ के प्रति ईमानदार एक न्यायाधीश संविधान को बनाए रखने और अधिकारों की रक्षा करने के लिए क्या कर सकता है।

'हाईकोर्ट ने कभी किसी जज की इतनी शान से विदाई नहीं देखी'

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English summary
Grand Farewell For Justice Muralidhar in delhi high court, transfer to the Punjab and Haryana High Court
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