महागठबंधन vs एनडीए: 2019 की सियासी जंग में बिहार की ये सीटें होंगी अहम, जहां दिग्गजों से टकराएंगे दिग्गज
नई दिल्ली। बिहार में लोकसभा चुनाव के लिए एनडीए द्वारा सीट बंटवारे की घोषणा के कुछ दिनों बाद, कई राजनीतिक दिग्गजों ने उन दलों को संदेश भेजने शुरू कर दिए हैं, जिनके साथ वे चुनाव लड़ना चाहते हैं। राजद के नेतृत्व वाला महागठबंधन 15 जनवरी के बाद राज्य में सहयोगी दलों के साथ सीट शेयरिंग फार्मूले की घोषणा कर सकता है। मोकामा के निर्दलीय विधायक अनंत सिंह ने राजद प्रमुख लालू प्रसाद और उनके बेटे और बिहार विधानसभा में विपक्ष के नेता तेजस्वी प्रसाद यादव की प्रशंसा करना शुरू कर दी है। सिंह के मुंगेर से 2019 में चुनाव लड़ने की संभावना है। अनंत सिंह के खिलाफ कई आपराधिक मामले दर्ज हैं।

2019 की सियासी जंग में बिहार की ये सीटें होंगी अहम
वहीं बीजेपी के बागी सांसद शत्रुघ्न सिन्हा आगामी लोकसभा चुनाव आरजेडी के टिकट से पटना साहिब सीट से चुनाव लड़ सकते हैं। जबकि केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद का नाम इस प्रतिष्ठित सीट से भाजपा के उम्मीदवार के तौर पर नाम की घोषणा की जा सकती है। अनंत सिंह मुंगेर से जदयू के सबसे प्रबल दावेदार जल संसाधन मंत्री राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह के खिलाफ चुनाव लड़ सकते हैं। सिंह ने कहा, मैं किसी भी मंत्री या किसी अन्य के खिलाफ चुनाव लड़ने के लिए तैयार हूं। लालू प्रसाद एक बड़े नेता हैं और तेजस्वी अच्छी नेतृत्व क्षमता दिखा रहे हैं।

बदल रहे हैं महागठबंधन और एनडीए के समीकरण
मुंगेर, पटना साहिब और दरभंगा एनडीए के लिए महत्वपूर्ण लोकसभा सीटें हैं, ना केवल इसलिए कि वे वर्तमान में सत्तारूढ़ गठबंधन के पास हैं, बल्कि संभावित प्रतियोगियों और विरोधियों के कारण भी। निर्दलीय विधायक अनंत सिंह भूमिहार समुदाय से आते हैं। जिसके चलते वे मुंगेर में वोट विभाजित कर सकते हैं। वहीं जेडी (यू) के उम्मीदवार ललन सिंह भी इसी जाति समूह के हैं। जिसके चलते उन्हें चुनाव में नुकसान उठाना पड़ सकता है। शत्रुघ्न सिन्हा ने दो बार पटना साहिब का प्रतिनिधित्व किया है। राजद भाजपा के खिलाफ सिन्हा को मैदान में उतारने की तैयारी कर रहा है।

यहां दिग्गजों से टकराएंगे दिग्गज
मुंगेर सीट पर वर्तमान में लोजपा की वीणा देवी सांसद हैं। एनडीए की ओर से जद (यू) इस सीट पर अपना प्रत्याशी उतार सकती है, जबकि वीणा देवी को लोजपा दूसरी सीट पर स्थानांतरित कर सकती है। उधर उपेंद्र कुशवाहा की आरएलएसपी मुंगेर सीट को महागठबंधन के हिस्से के रूप में देख रही है, लेकिन राजद इस सीट पर अपना प्रत्याशी उतारने का मन बना रही है। सिन्हा, पिछले कुछ समय से भाजपा और पीएम की आलोचना करते रहे हैं। उनका कहना है कि, यह महत्वपूर्ण नहीं है कि भाजपा मुझे पटना साहिब से टिकट देगी, यह महत्वपूर्ण होगा कि मैं इसे स्वीकार करूंगा। सिन्हा हाल ही में लालू प्रसाद से मिलेनेअस्पताल पहुंचे थे और तेजस्वी की तारीफ की थी।

कीर्ति आज़ाद दरभंगा से चुनाव लड़ेंगे
राजद कई मौकों पर सिन्हा को पार्टी में शामिल होने के लिए आमंत्रित कर चुकी है। राजद के एक सूत्र का कहना है कि, सिन्हा की हमारे साथ जुड़ने की सबसे अधिक संभावना है। अगर वह हमारे उम्मीदवार बनेगे तो पटना साहिब का मुकाबला दिलचस्प हो जाएगा। भाजपा के एक अन्य बागी सांसद कीर्ति आज़ाद ने भी घोषणा की है कि वे दरभंगा से ही चुनाव लड़ेंगे। यह सीट हाल ही में हुए सीट शेयरिंग फॉर्मूले के तहत जेडीयू को मिलने की संभावना है। इस सीट से जेडीयू पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव संजय झा को मैदान में उतार सकती है। आजाद आरजेडी के टिकट पर चुनाव नहीं लड़ पाएंगे क्योंकि पूर्व सांसद एमएए फातमी के दरभंगा से आरजेडी के उम्मीदवार के तौर पर चुनाव लड़ने की संभावना है।












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