चलते-चलते क्यों रुक जा रहे थे ई-रिक्शा? MeitY की बड़ी कार्रवाई, BAT-BMS सहित 3 ऐप्स को किया बैन
BAT-BMS Banned: देशभर में ई-रिक्शा अब सार्वजनिक परिवहन का अहम हिस्सा बन चुके हैं। शहरों से लेकर छोटे कस्बों तक लाखों लोग रोजाना इन वाहनों के जरिए सफर करते हैं, जबकि बड़ी संख्या में चालक अपनी आजीविका भी इन्हीं पर निर्भर रखते हैं। ऐसे में यदि किसी मोबाइल ऐप के कारण ई-रिक्शा के संचालन पर असर पड़ने की आशंका पैदा हो जाए, तो मामला केवल तकनीकी गड़बड़ी तक सीमित नहीं रहता बल्कि यात्रियों और रिक्शा चलाने वालों की सुरक्षा से भी जुड़ जाता है।
हाल के दिनों में कई ई-रिक्शा चालकों ने शिकायत की थी कि उनके वाहन अचानक चलते-चलते रुक रहे हैं या बिना किसी स्पष्ट कारण के सामान्य तरीके से काम नहीं कर पा रहे हैं। इन शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए केंद्र सरकार ने जांच शुरू कराई और शुरुआती जांच में कुछ मोबाइल ऐप्स के कथित गलत इस्तेमाल की आशंका सामने आने के बाद उन्हें भारत के ऐप स्टोर से हटाने का निर्देश दिया गया है।

तीन मोबाइल ऐप्स पर सरकार की कार्रवाई
सरकारी सूत्रों के मुताबिक, इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) ने BAT-BMS, Epoch-i-ion और Lossigy नाम के तीन मोबाइल ऐप्स को भारत में एंड्रॉयड और iOS प्लेटफॉर्म से हटाने का निर्देश दिया है। मंत्रालय का मानना है कि इन ऐप्स का कथित गलत इस्तेमाल कुछ ई-रिक्शा के संचालन को प्रभावित करने के लिए किया जा रहा था। इसी आशंका के आधार पर ऐप्स को हटाने की कार्रवाई की गई है।
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चालकों की शिकायतों के बाद बढ़ी चिंता
पिछले कुछ दिनों में अलग-अलग इलाकों से कई ई-रिक्शा चालकों ने शिकायत दर्ज कराई थी कि उनके वाहन चलते-चलते अचानक रुक जाते हैं या सामान्य तरीके से नहीं चल रहे हैं। शुरुआती जानकारी के अनुसार, इन ऐप्स का उपयोग कुछ खास ई-रिक्शा के सिस्टम में दखल देने के लिए किए जाने की आशंका जताई गई। इससे न केवल ई-रिक्शा का संचालन प्रभावित हुआ बल्कि ड्राइवर और यात्रियों की सुरक्षा को लेकर भी सवाल खड़े हो गए।
जांच के बाद लिया गया फैसला
ई-रिक्शा ऑपरेटरों से लगातार मिल रही शिकायतों के बाद केंद्र सरकार ने पूरे मामले की जांच शुरू कराई। जांच के दौरान सामने आए तथ्यों और शुरुआती जांच के आधार पर सरकार ने इन ऐप्स को भारत के ऐप स्टोर से हटाने का निर्णय लिया। अधिकारियों का मानना है कि यदि ऐसे ऐप्स का गलत इस्तेमाल होता है तो यह सार्वजनिक सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा बन सकता है, इसलिए समय रहते कार्रवाई जरूरी थी।
MeitY सचिव एस. कृष्णन ने क्या कहा
इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के सचिव एस. कृष्णन ने शुक्रवार को बताया कि दो ऐसे ऐप्स गुरुवार को मंत्रालय की जानकारी में आए थे और उन्हें ऐप स्टोर से हटवा दिया गया है। उन्होंने कहा कि ऐप स्टोर की भी जिम्मेदारी है कि वे ऐसे किसी भी ऐप को अपने प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध न होने दें, जिससे लोगों की सुरक्षा प्रभावित हो सकती हो या किसी तरह की गैरकानूनी गतिविधि को बढ़ावा मिलने की आशंका हो।
ऐप स्टोर की जिम्मेदारी पर भी जोर
एस. कृष्णन ने कहा कि ऐप स्टोर संचालकों को पूरी सतर्कता बरतनी चाहिए ताकि नुकसान पहुंचाने वाले या संभावित रूप से खतरनाक ऐप्स आम लोगों तक न पहुंच सकें। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि मंत्रालय इस मुद्दे पर ऐप स्टोर से बातचीत करेगा, ताकि भविष्य में इस तरह के ऐप्स की उपलब्धता रोकी जा सके और सुरक्षा संबंधी जोखिम कम किए जा सकें।
तेजी से बढ़ रहा है ई-रिक्शा का इस्तेमाल
भारत के शहरों और कस्बों में छोटी दूरी तय ई-रिक्शा सबसे लोकप्रिय और किफायती साधनों में शामिल हो चुके हैं। पर्यावरण के अनुकूल परिवहन विकल्प होने की वजह से भी इनकी संख्या लगातार बढ़ रही है। वहीं, स्मार्टफोन और डिजिटल तकनीक के बढ़ते इस्तेमाल के बीच ऐसे सॉफ्टवेयर और मोबाइल ऐप्स की निगरानी भी जरूरी हो गई है, जो किसी वाहन के संचालन में दखल देने या किसी तरह की धोखाधड़ी का कारण बन सकते हैं।
तकनीकी जानकारी अभी सार्वजनिक नहीं
सरकार ने फिलहाल यह जानकारी शेयर नहीं की है कि इन तीनों ऐप्स के जरिए कथित तौर पर ई-रिक्शा के सिस्टम में किस तरह दखल दिया जाता था या वे तकनीकी रूप से कैसे काम करते थे। अधिकारियों के अनुसार, मामले की जांच और निगरानी अभी जारी है तथा विस्तृत तकनीकी जानकारी फिलहाल सार्वजनिक नहीं की गई है।
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