'Sonam Raghuvanshi जैसी महिलाएं समाज के लिए खतरा', राजा की मां ने लगाई PM मोदी से गुहार, कहा-मदद कीजिए
Sonam Raghuvanshi: हनीमून हत्याकांड की मुख्य आरोपी सोनम रघुवंशी की बेल सुप्रीम कोर्ट ने बरकरार रखी है। उसने कहा है कि 'सोनम जेल से बाहर है और बेल की शर्तों के मुताबिक ही शिलांग में ही रह रही है, ऐसे में उसे दोबारा जेल भेजना लीगली सही नहीं है इसलिए फिलहाल उसकी बेल बरकरार ही रहेगी।' इस मामले की अगली सुनवाई 10 जुलाई को होगी। आपको बता दें कि मेघालय सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में हाई कोर्ट के उस आदेश को चुनौती दी थी, जिसमें सोनम रघुवंशी को मिली जमानत को सही ठहराया गया था।

इस फैसले के बाद राजा रघुवंशी की मां उमा रघुवंशी का बयान सामने आया है उन्होंने कहा कि ' मैं सुप्रीम कोर्ट से गुज़ारिश करती हूं कि इस मामले में फ़ैसला सुनाया जाए और सोनम को जेल भेजा जाए, ताकि राजा को इंसाफ़ मिल सके। मैं मोहन यादव और मोदी सरकार से इस मामले में CBI जांच और जल्द फ़ैसले की अपील करती हूं, अगर मेरे बेटे को इंसाफ़ नहीं मिला, तो सोनम जैसी औरतें ऐसे अपराध करती रहेंगी , उनके अंदर का डर खत्म हो जाएगा, उनका हौसला बढ़ा रहेगा, ये समाज के लिए ठीक नहीं है।'
मैं पीएम मोदी से मदद की अपील करता हूं: सचिन रघुवंशी
तो वहीं राजा रघुवंशी के बड़े भाई सचिन रघुवंशी ने कहा, 'हमें उम्मीद है कि सुप्रीम कोर्ट हमें राहत देगा। मैं पीएम मोदी और राष्ट्रपति से अपील करता हूं कि इस मामले में जल्द फैसला सुनाया जाए। हम शुरू से ही CBI जांच की मांग कर रहे हैं। पुलिस की गलत टाइपिंग और जांच में कमियों की वजह से हमें अभी तक न्याय नहीं मिला है।'
सुप्रीम कोर्ट ने Sonam Raghuvanshi की बेल बरकरार रखी
जबकि सोनम रघुवंशी के वकील अभय सिंह ने कहा, 'मेघालय राज्य ने आज हाई कोर्ट के आदेश को चुनौती दी है। सुप्रीम कोर्ट ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनीं। राज्य ने अगली सुनवाई की तारीख तक रोक लगाने पर ज़ोर दिया। फिलहाल सुप्रीम कोर्ट ने रोक लगाने से इनकार कर दिया है, और नतीजतन, सोनम ज़मानत पर बाहर रहेंगी।'
Sonam Raghuvanshi को क्यों मिली ज़मानत?
आपको बता दें कि सोनम पर जिस पर हत्या जैसा संगीन आरोप है, उसे बेल एक लापरवाही से बने अरेस्ट मेमो के आधार पर मिली है, दरअसल पुलिस ने जिस वक्त उसे गिरफ्तार किया था, उस वक्त मेमो पर उसने बीएनएस की धारा 103 की जगह धारा 403 लिख दिया, जिससे कि पूरा मामला ही उलट गया और पुलिस ने सोनम को अपने दस्तावेज में 'सेना का भगोड़ा' लिखा है, बीएनएस में धारा 403 होती ही नहीं बल्कि आईपीसी में ये संपत्ति के गबन से जुड़ी है। कोर्ट ने इसे पुलिस की बड़ी लापरवाही मानी थी और इसी आधार पर सोनम को बेल दी थी, जिसे कि पुलिस ने हाईकोर्ट में चैलेंज किया था, जहां से 29 जून को ये खारिज कर दी गई थी।
क्या है राजा रघुवंशी हत्याकांड?
आपको बता दें कि 11 मई 2025 को इंदौर के ट्रांसपोर्ट कारोबारी राजा रघुवंशी की शादी खूबसूरत सोनम रघुवंशी से हुई थी। शादी के बाद दोनों हनीमून के लिए मेघालय गए थे, लेकिन 23 मई 2025 को दोनों अचानक लापता हो गए। परिवार ने पुलिस में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी जिसके बाद 2 जून 2025 को मेघालय के सोहरा (चेरापूंजी) क्षेत्र में एक गहरी खाई से राजा रघुवंशी का शव बरामद हुआ।
प्रेमी राज कुशवाहा संग मिलकर सोनम ने की पति की हत्या?
इसके बाद पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज कर विशेष जांच दल (SIT) बनाया था जिसके बाद पुलिस रिपोर्ट में सामने आया कि सोनम रघुवंशी ने अपने पति राजा की हत्या की साजिश रची थी, जिसमें उसके साथ कथित प्रेमी राज कुशवाहा भी शामिल था।
जून 2025 में उत्तर प्रदेश से सोनम को गिरफ्तार किया गया था
पुलिस के अनुसार, हत्या के लिए कथित तौर पर सुपारी किलरों की मदद ली गई। जांच के दौरान सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल लोकेशन, गवाहों के बयान और अन्य डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर कई लोगों को गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने दावा किया कि यह हत्या पहले से सुनियोजित थी। जून 2025 में उत्तर प्रदेश से सोनम को गिरफ्तार किया गया था।













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