सरकारी कमेटी ने की सिफारिश, सीरम इंस्टीट्यूट को बच्चों की वैक्सीन के ट्रायल की ना दी जाए अनुमति
नई दिल्ली, 01 जुलाई। देश में कोरोना की दूसरी लहर के बाद तीसरी लहर की आशंका जताई जा रही है, ऐसे में तीसरी लहर बच्चों पर ज्यादा असर नहीं करे इसके लिए बच्चों की वैक्सीन तैयार करने पर लगातार जोर दिया जा रहा है। सीरम इंस्टीट्यूट 2-17 साल की उम्र के बच्चों के लिए वैक्सीन के ट्रायल की अनुमति चाहता है। लेकिन सीरम इंस्टीट्यूट को वैक्सीन की सरकारी कमेटी ने इसके ट्रायल की अनुमति नहीं देने की सिफारिश की है। सूत्रों के अनुसार सरकारी समिति ने सिफारिश की है कि 2-17 साल के बच्चों पर कोवोवैक्स वैक्सीन का दूसरे व तीसरे चरण के क्लीनिकल ट्रायल की अनुमति ना दी जाए। बता दें कि सोमवार को सीमर इंस्टीट्यूट ने कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया के सामने आवेदन किया था कि 12-17 साल के बच्चों और 2-11 साल के बच्चों पर कोवोवैक्स के ट्रायल की अनुमति दी जाए।

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सूत्र के अनुसार पैनल ने यह भी सिफारिश की है कि कंपनी को पहले कोवोवैक्स का जो वयस्क लोगों पर क्लीनिकल ट्रायल चल रहा है उसके आंकड़े देने चाहिए कि यह पूरी तरहसे सुरक्षित है और प्रभावी है। बता दें कि पिछले साल अगस्त माह में Novavax Inc. ने ऐलान किया था कि सीरम इंस्टीट्यूट के साथ कोवोवैक्स वैक्सीन को तैयार करने का करार हुआ है जोकि कम आय व मध्य आय वाले देश भारत के लिए होगी। कोवोवैक्स वैक्सीन का क्लीनिकल ट्रायल मार्च माह में शुरू हुआ था, सीरम को उम्मीद है कि वह इसे सितंबर माह में लॉन्च कर देगी। जनवरी माह में सीरम इंस्टीट्यूट ने देश में कोवीशील्ड वैक्सीन की शुरुआत कर दी थी, जिसे बड़ी संख्या में देश के लोगों को लगाया जारहा है। ऑक्सफोर्ट एंड एस्ट्राजेनेका यूनिवर्सिटी के साथ मिलकर सीरम इस वैक्सीन को तैयार कर रहा है।












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