बीजेपी विधायक ने कही ऐसी बात, मंच से ही फूटा सीएम योगी आदित्यनाथ का गुस्सा
गोरखपुर। लोकसभा चुनाव 2019 में बंपर जीत के बाद यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ मंगलवार को पहली बार गोरखपुर पहुंचे। बीजेपी की ओर से आयोजित अभिनंदन समारोह में शामिल होने पहुंचे सीएम योगी आदित्यनाथ ने इस दौरान पांच विधानसभाओं के पांच-पांच बूथ अध्यक्षों और कार्यकर्ताओं को सम्मानित किया। इस दौरान कैम्पियरगंज से भाजपा के विधायक फतेह बहादुर सिंह को जब संबोधन का मौका मिला तो उन्होंने अपने पिता पूर्व मुख्यमंत्री स्व. वीर बहादुर सिंह के कार्यकाल का जिक्र करते हुए विकास और रोजगार का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि 1986 के बाद से इस इलाके का विकास रुका हुआ है, युवाओं को रोजगार नहीं मिला है। कभी बसपा सरकार में वनमंत्री रहे वर्तमान बीजेपी विधायक फतेह बहादुर सिंह की टिप्पणी से यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ नाराज नजर आए। उन्होंने अपने संबोधन के दौरान मंच से ही बीजेपी विधायक पर जमकर निशाना साधा।

भाजपा विधायक फतेह बहादुर सिंह पर सीएम योगी आदित्यनाथ का पलटवार
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा, "कैम्पियरगंज से भाजपा विधायक फतेह बहादुर सिंह को देख कर ताज्जुब होता है। वो कहते हैं कि रोजगार नहीं है। फर्टिलाइजर रोजगार नहीं है क्या? एम्स रोजगार नहीं है क्या? पिपराईच चीनी मिल रोजगार नहीं है क्या? ये बुद्धि की कमी है और विवेक का अभाव है। मुझे लगता है जब व्यक्ति अपनी बुद्धि और विवेक का इस्तेमाल नहीं करता तो अनावश्यक रूप से अपनी किए हुए उपलब्धियों पर पानी फेर देता है।" ये कोई पहली बार नहीं है जब इस तरह से सीएम योगी आदित्यनाथ का गुस्सा सार्वजनिक मंच पर सामने आया है। इसके पहले भी वो मंच से पार्टी पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं को घेर चुके हैं।

'विधायक कैम्पियरगंज कहते हैं कि रोजगार चाहिए, ये बुद्धि की कमी और विवेक का अभाव है'
मंगलवार को गोरखपुर में आयोजित कार्यक्रम के दौरान योगी आदित्यनाथ का गुस्सा कैम्पियरगंज के विधायक फतेह बहादुर सिंह फूट पड़ा। उन्होंने विधायक पर न केवल निशाना साधा बल्कि उन्हें आइना दिखाने की कोशिश भी की। उन्होंने कहा, "गोरखपुर लोकसभा चुनाव में मिली ये जीत स्वाभाविक रूप से हुई है। यहां का जो अभूतपूर्व विकास साल 2016 से प्रारम्भ हुआ, 2017 में भाजपा नेतृत्व की प्रदेश में सरकार बनने के बाद उसे जो नई गति दी गई, उसका परिणाम हम सबके सामने है। विधायक कैम्पियरगंज कहते हैं कि रोजगार चाहिए। ये बुद्धि की कमी और विवेक का अभाव है। मुझे लगता है जब व्यक्ति बुद्धि और विवेक का प्रयोग नहीं करता है, वो इस प्रकार की बातों को करके अनावश्यक रूप से अपनी उपलब्धियों पर पानी फेरने का काम करता है।"

मायावती के करीबी थे फतेह बहादुर सिंह, 2017 में बीजेपी से बने विधायक
बता दें कि फतेह बहादुर सिंह साल 2017 में भारतीय जनता पार्टी के टिकट पर कैम्पियरगंज से विधायक चुने गए हैं। इसके पहले वे कैम्पियरगंज से एनसीपी के टिकट पर विधायक बने थे। उससे पहले फतेह बहादुर सिंह महाराजगंज जिले के पनियरा से बसपा के टिकट पर जीत हासिल कर विधायक और मायावती सरकार में वन मंत्री रहे। फतेह बहादुर सिंह, बीएसपी अध्यक्ष मायावती के करीबी माने जाते थे। फिलहाल बीजेपी के विधायक हैं।












Click it and Unblock the Notifications