गोपालकृष्ण गांधी की उपराष्ट्रपति पद के लिए दावेदारी पर भांजे ने जताया एतराज, कहा- ये ठीक नहीं किया
गोपालकृष्ण गांधी की उपराष्ट्रपति पद के लिए दावेदारी पर भांजे ने जताया एतराज, कहा- ठीक नहीं
नई दिल्ली। यूपीए की तरफ से उपराष्ट्रपति पद के उम्मीदवार गोपालकृष्ण गांधी की दावेदारी को लेकर उनके भांजे ने ही सवाल उठाए है। कांग्रेस को वंशवादी पार्टी कहते हुए गोपाल कृष्ण गांधी के भांजे श्रीकृष्ण कुलकर्णी ने उनकी उप राष्ट्रपति पद की उम्मीदवारी का विरोध किया है। उन्होंने कहा है कि मामा का ये निर्णय उन्हें अच्छा नहीं लगा है, उन्हे इससे निराशा हुई है।

श्रीकृष्ण कुलकर्णी ने इसको लेकर एक खत भी लिखा है। उन्होंने पत्र में कहा है कि मुझे माफ करें गोपू मामा लेकिन आपके इस फैसले से मेरे अंदर विश्वास नहीं जागता, यह तो विश्वासघात है फिर भी उपराष्ट्रपति पद के लिए मेरी शुभकामनाएं आपके साथ हैं। कुलकर्णी ने कहा कि उम्मीद करता हूं मेरे खत से आपका इलेक्सन प्रभावित नहीं होगा।
कुलकर्णी ने लिखा है कि महात्मा गांधी के कट्टर आलोचक भी इससे इनकार नहीं करेंगे कि गांधीजी ने राजनीति में वंशवाद का विरोध किया लेकिन नेहरू-गांधी परिवार ने तो राजवंश को फिर से स्थापित कर दिया है। कांग्रेस की अध्यक्ष इस पोजिशन पर पिछले 18 सालों से हैं और अब उनकी जगह राहुल गांधी लेंगे। ऐसे पार्टी का उम्मीदवार मामा को नहीं बनना चाहिए था।
कुलकर्णी ने पत्र में लिखा है कि कांग्रेस के वंशवाद के इतिहास को जानते हुए भी आप इस पार्टी के उम्मीदवार बने तो ये निराश ही करता है। आपको बता दें कि उपराष्ट्रपति पद के लिए 5 अगस्त को वोट डाले जाएंगे और 5 अगस्त को ही मतों की गिनती भी होगी। इस पद के लिए एनडीए के वेंकैया नायडू और यूपीए उम्मीदवार गोपालकृष्ण गांधी के बीच मुकाबला है। चुनाव में नायडू की जीत लगभग तय मानी जा रही है।












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