Good News: 1 जून को मानसून दे सकता है केरल में दस्तक, IMD ने दिया बड़ा अपडेट
नई दिल्ली, 6 मई। कोरोना से जंग लड़ रहे भारत के लिए एक सुखद खबर आई है और वो ये है कि भले ही इस बार लोगों को गर्मी ने वक्त से पहले परेशान कर दिया हो लेकिन इस बार मानसून अपने बिल्कुल सटीक समय पर ही भारत में दस्तक देगा। IMD ने कहा है कि मानसून 1 जून को केरल पहुंच सकता है। मानसून के बारे में अपडेट देते हुए भारतीय मौसम विभाग ने कहा है कि मानसून के चारों महीने पूरी तरह से वर्षा वाले रहेंगे और इस दौरान अच्छी से बहुत अच्छी बारिश देश के हर प्रदेश में देखने को मिलेगी।

1 जून को मानसून दे सकता है केरल में दस्तक
विभाग के मुताबिक मानसून तय समय पर आएगा और तय समय पर ही इसकी विदाई भी होगी। आईएमडी के हिसाब से इस बार साउथ-वेस्टर्न मानसून देश में 98 फीसदी बारिश कराएगा, जो कि किसानों के लिए सुखद खबर है।

अच्छा रहेगा मानसून सीजन
वैसे मौसम विभाग ने यह भी कहा है कि इस बार पिछले साल की तुलना में नार्थ-ईस्ट में बारिश थोड़ी कम हो सकती है लेकिन फिर भी यहां सामान्य वर्षा ही होगी। ओडिशा, झारखंड, बिहार, असम और मेघालय में नार्मल मानसून के ही संकेत हैं। बता दें कि IMD मानसून को लेकर अपना अगला बुलेटिन 15 मई को जारी करेगा। बता दें कि इससे पहले भी मौसम विभाग ने यही कहा था कि इस साल देश में काफी अच्छी वर्षा होने वाली है।

प्री-मानसून प्रक्रिया भी जल्द
विभाग ने ये भी कहा है कि अब देश के अलग-अलग हिस्सों में प्री-मानसून प्रक्रिया भी प्रारंभ होगी। इससे पहले भी मौसम की जानकारी देने वाली निजी संस्था स्काईमेट ने भी मानसून को लेकर यही कहा था कि लगातार तीसरे साल देश में मानसून अच्छा ही रहने वाला है। जून-सितंबर के बीच अच्छी बारिश होगी। इस साल हेल्दी मानसून रहेगा और अनुमान के मुताबिक इस साल देश में 103 फीसदी बारिश होने के आसार है।

'मानसून' कहते किसे हैं?
मानसून हिंद-अरब सागर की ओर से भारत के साउथ-वेस्ट कोस्ट पर आनी वाली हवाओं को कहते हैं, जिससे इंडिया, पाकिस्तान और बांग्लादेश में बारिश होती हैं। ये हवाएं जून से सितंबर तक देश में सक्रिय रहती हैं और बारिश कराती हैं। हाइड्रोलोजी में मानसून का अर्थ है- कोई भी ऐसी पवन जो किसी क्षेत्र में किसी स्पेशल सीजन में भारी बारिश कराती हैं।












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