प्रायश्चित करने के लिए सुधीर कुमार मक्कड़ बने थे गोल्डन बाबा, जानिए उनसे जुड़ी खास बातें
नई दिल्ली। गोल्डन बाबा (Golden Baba) के नाम से मशहूर सुधीर कुमार मक्कड़ का मंगलवार देर रात एम्स अस्पताल में निधन हो गया है। उनके निधन का कारण लंबी बीमारी बताई जा रही है। जानकारी के मुताबिक गोल्डन बाबा का पिछले कुछ समय से एम्स में इलाज चल रहा था। गोल्डन बाबा हरिद्वार के कई अखाड़ों से जुड़े रहे हैं और उनके खिलाफ कई आपराधिक मामले भी दर्ज थे। इसके अलावा बाबा की राजनीति में भी अच्छी पकड़ थी। सुधीर कुमार मक्कड़ मूलरूप से गाजियाबाद जिले के रहने वाले थे, वो फिलहाल पूर्वी दिल्ली स्थित गांधी नगर में रह रहे थे।
Recommended Video

कपड़ों का कारोबार करते थे बाबा
ऐसा बताया जाता है कि सन्यासी बनने से पहले सुधीर कुमार मक्कड़ दिल्ली में कपड़ों का कारोबार करते थे। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, सुधीर कुमार मक्कड़ ने कारोबारी के तौर पर कई पाप किए थे। जिनका प्रायश्चित करने के लिए वह सुधीर कुमार मक्कड़ से गोल्डन बाबा बन गए। गोल्डन बाबा का गांधी नगर के अशोक गली में आश्रम भी है। बाबा के खिलाफ एक दो नहीं बल्कि करीब तीन दर्जन मुकदमे दर्ज थे। इनमें किडनैपिंग, फिरौती, जबरन वसूली, जान से मारने की धमकी और मारपीट जैसे कई गुनाह शामिल हैं। वह कई दर्जन सोना पहना करते थे। जो उनकी तस्वीरों में भी देखा जा सकता है।

क्यों कहा जाता था गोल्डन बाबा
सुधीर कुमार मक्कड़ उर्फ गोल्डन बाबा को सोना काफी पसंद था। उन्होंने साल 1972 से ही इसे पहनना शुरू कर दिया था। ऐसा बताया जाता है कि वह सोने को अपना ईष्ट देवता माना करते थे। इसी वजह से वह कई किलो तक का सोना पहनते थे। उनकी हर उंगली अंगुठियों से भरी रहती थी। वहीं वह गले में दर्जनों सोने की चेन और हाथों में सोने का बाजूबंद और कड़ा पहनते थे। इसके अलावा गोल्डन बाबा की सुरक्षा में भी कम से कम 25 से 30 गार्ड मौजूद रहा करते थे।

हिस्ट्रीशीटर भी थे गोल्डन बाबा
गोल्डन बाबा को पूर्वी दिल्ली का पुराना हिस्ट्रीशीटर भी कहा जाता है। हिस्ट्रीशीटर का मतलब होता है बाबा के नाम से थाने में खोला गया बही खाता। जिसमें उनके हर छोट बड़े गुनाहों का पूरा हिसाब किताब दर्ज होता है। जानकारी के अनुसार, पुलिस किसी भी व्यक्ति के खिलाफ हिस्ट्रीशीटर तब तैयार करती है, जब उसे इस बात का यकीन हो जाता है कि ये व्यक्ति अब सुधर नहीं सकता है। यानी संबंधित शख्स आदतन अपराधी है। गोल्डन बाबा को भी हिस्ट्रीशीटर कहा जाता था।












Click it and Unblock the Notifications