Goa SIR News: गोवा में वोटर लिस्ट संशोधन प्रक्रिया की जांच पहुंची पुर्तगाल तक, जानें पूरा मामला
Goa SIR News: गोवा में बीते कुछ सालों में बड़ी संख्या में लोगों ने पुर्तगाल की नागरिकता ली है। पुर्तगाल का पासपोर्ट मिलने के बाद हजारों की संख्या में लोगों ने भारतीय पासपोर्ट जमा कराया है। गोवा में एसआईआर (Goa SIR) की प्रक्रिया चल रही है। आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, करीब 30 हजार गोवावासियों ने दूसरे देशों की नागरिकता हासिल की है। इनमें से ज्यादातार के पास पुर्तगाल की नागरिकता है। अब चुनाव आयोग ऐसे लोगों पर कार्रवाई करने के मूड में है।
जानकारी के अनुसार, वर्तमान में पुर्तगाल का पासपोर्ट रखने वालों के माता-पिता ने भी पुर्तगाल में अपना जन्म और विवाह पंजीकरण कराया था। चुनाव आयोग फिलहाल मतदाता सूचियों में संदिग्ध नामों की पड़ताल कर रहा है। इसके बाद इन मामलों की जांच शुरू की गई है।

Goa SIR News: 29,831 लोगों ने छोड़ी भारतीय नागरिकता
- चुनाव आयोग अभी प्रदेश में एसआईआर (स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन) प्रक्रिया पूरी कर रही है। आयोग की रिपोर्ट में सामने आया है कि 2014 से अब तक 29,831 गोवावासियों ने अपने भारतीय पासपोर्ट सरेंडर किए हैं।
- गोवा की आज़ादी (19 दिसंबर 1961) के बाद जन्मे बच्चों के लिए पुर्तगाली नागरिकता से जुड़ा एक विशेष प्रावधान है।
- अगर उनके माता-पिता 1961 से पहले जन्मे हैं, तो उन्हें पुर्तगाल में जन्म और विवाह का पंजीकरण कराना होता है। इसके बाद ही अगली पीढ़ी को पुर्तगाली नागरिकता मिल सकती है।
- मुख्य चुनाव अधिकारी संजय गोयल ने बताया कि जिन लोगों ने पुर्तगाली या अन्य विदेशी पासपोर्ट हासिल कर लिए हैं और इसके बावजूद उनके नाम मतदाता सूची में दर्ज हैं, उनकी पूरी जांच की जाएगी।
Goa News: चुनाव आयोग कर सकता है कार्रवाई
चुनाव आयोग ने स्पष्ट कर दिया है कि ऐसे लोगों को चिह्नित किए जाने के बाद बाद कानून विभाग से राय ली जाएगी। इसके बाद आगे की कार्रवाई तय की जाएगी। गोवा के क्षेत्रीय पासपोर्ट कार्यालय के प्रमुख निजो वर्गीस ने बताया कि पिछले पांच सालों में 8,000 से ज्यादा ऐसे लोगों की सूची चुनाव आयोग को दी गई है। इन सब लोगों ने भारतीय पासपोर्ट छोड़कर विदेशी नागरिकता अपनाई है।
Goa News: राजनेताओं के पास भी पुर्तगाली पासपोर्ट
पुर्तगाल में अपना नाम रजिस्टर करानेवालों में राजनेता, पुलिस अधिकारी और सीनियर अधिकारी भी शामिल बताए जा रहे हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, इन लोगों के पास पुर्तगाली पासपोर्ट या पहचान पत्र है। दरअसल पुर्तगाल का पासपोर्ट होने पर यूरोप में काम करना या पढ़ाई करना काफी आसान हो जाता है। गोवा के सीएम प्रमोद सावंत ने 2014 में केंद्र सरकार से अपील की थी कि गोवावासियों को पुर्तगाली पहचान पत्र रद्द करने के लिए माफी दी जाए। इससे उनकी भारतीय नागरिकता बनी रहेगी। सीएम का कहना है कि गोवावासियों की इसके पीछे मंशा सिर्फ एक सुरक्षित भविष्य बनाने की रही है।
चुनाव आयोग ने स्पष्ट किया है कि जिन मामलों में नियमों का उल्लंघन पाया जाएगा, वहां सुओ मोटो (स्वतः संज्ञान) लेते हुए नोटिस जारी किए जाएंगे। हालांकि, जिन लोगों ने गणना फॉर्म नहीं भरे और जिनके नाम ड्राफ्ट मतदाता सूची में शामिल नहीं हैं, उन्हें फिलहाल नोटिस नहीं भेजा जाएगा।












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