Goa: गोवा सरकार ने विभाग प्रमुखों के लिए मन की बात सुनना किया अनिवार्य, जानिए क्या है आदेश
Goa: गोवा में भारतीय जनता पार्टी सरकार ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मासिक रेडियो प्रसारण मन की बात को सभी विभाग प्रमुखों के लिए अनिवार्य कर दिया है। इस फैसले को सामान्य प्रशासन के अवर सचिव श्रेयस डी सिल्वा द्वारा जारी एक आधिकारिक परिपत्र के माध्यम से अधिसूचित किया गया।
परिपत्र में विभाग प्रमुखों को निर्देश दिया गया है कि वे मन की बात कार्यक्रम में सक्रिय रूप से भाग लें और इसमें प्रस्तुत सुझावों और सर्वोत्तम प्रथाओं को अपने संबंधित विभागों में लागू करने के लिए प्रेरणा लें।

मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत का बयान
मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत ने सोशल मीडिया पर इस परिपत्र को साझा करते हुए कहा कि मन की बात शासन और सामाजिक परिवर्तन के लिए नागरिकों के विचारों को उजागर करने वाला एक प्रभावी माध्यम है। कार्यक्रम में साझा की गई सफलता की कहानियों और अभिनव प्रयासों से गोवा में सुशासन को और बेहतर बनाया जा सकता है।
सावंत ने विभाग प्रमुखों से आग्रह किया कि वे न केवल प्रसारण सुनें। बल्कि उसमें साझा किए गए विचारों को व्यवहारिक रूप से लागू करने पर भी विचार करें।
स्वयंपर्णा गोवा और आत्मनिर्भरता का लक्ष्य
मुख्यमंत्री ने गोवा के लिए अपनी सरकार के नजरिए को दोहराया और स्वयंपर्णा गोवा पहल का उल्लेख किया। इस पहल का उद्देश्य गांव और शहरों को आत्मनिर्भर बनाना है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सामुदायिक स्तर पर कार्य योजनाएं बनाकर गोवा को आत्मनिर्भर और विकसित राज्य बनाने की दिशा में तेजी लाई जा रही है।
प्रगतिशील शासन की दिशा में गोवा की भूमिका को रेखांकित करते हुए उन्होंने कहा कि राज्य में अपनाई गई अभिनव प्रथाओं को राष्ट्रीय स्तर पर भी दोहराया गया है।
रहन-सहन और व्यापार को आसान बनाने पर जोर
मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत ने अभिनव प्रथाओं को अपनाने और उन्हें शासन में लागू करने के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि यह प्रयास व्यक्तिगत, संगठनात्मक और सामुदायिक स्तर पर सामाजिक और आर्थिक विकास को बढ़ावा देने के लिए किया जा रहा है।
देशभर से सीख लेकर गोवा अपने विकास लक्ष्यों की ओर अग्रसर है। हमारा उद्देश्य रहन-सहन और व्यापार को आसान बनाना है। जिससे गोवा को विकसित राज्य के रूप में उभारा जा सके।
एक व्यापक पहल का हिस्सा
गोवा सरकार का मन की बात सुनने को अनिवार्य बनाना। राज्य को राष्ट्रीय योजनाओं और पहल के साथ जोड़ने के व्यापक प्रयास का हिस्सा है। सुशासन के लिए अभिनव विचारों को लागू करने पर ध्यान केंद्रित किया गया है। स्वयंपर्णा गोवा जैसे कार्यक्रम आत्मनिर्भरता की दिशा में ठोस कदम हैं। प्रधानमंत्री मोदी के नजरिए को राज्य स्तर पर क्रियान्वित कर गोवा को एक आदर्श राज्य के रूप में स्थापित करने का प्रयास किया जा रहा है।












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