Ghazipur: बेटा बोला, पुलिस अपने को ही नहीं बचा सकी, उनसे और क्या उम्मीद करें
नई दिल्ली। यूपी के गाजीपुर में जिस तरह से उग्र भीड़ ने पुलिसवालों पर पत्थरबाजी की उसमे हेड कॉस्टेबल की मौत हो गई। घटना के बाद एक बार फिर से प्रदेश की कानून व्यवस्था पर सवाल खड़े हो गए हैं। हेड कॉस्टेबल सुरेश वत्स जिनकी पत्थर लगने से मौत हो गई उनके बेटे वीपी सिंह ने अपने पिता की मौत का ठीकरा पुलिस पर फोड़ा है। व्यथित बेटे ने कहा कि पुलिस मेरे पिता को नहीं बचा सकी, ऐसे में हम उनसे क्या उम्मीद कर सकते हैं, पिता की मृत्यु के बाद हम मुआवजे का क्या करेंगे। इससे पहले भी बुलंदशहर और प्रतापगढ़ में इस तरह की घटनाएं हो चुकी हैं।

वहीं इस घटना के बाद सीओ सिटी एमपी पाठक ने बताया कि इस मामले में अबतक कुल 32 लोगों का नाम एफआईआर में शामिल किया गया है, जबकि 60 अज्ञात लोगों के नाम भी शामिल किए गए हैं। उन्होंने बताया कि हमने इस मामले में कुछ लोगों को गिरफ्तार किया है। आपको बता दें कि इस घटना में 7 पुलिसवाले जख्मी हुए हैं। घटना के बाद हेड कॉस्टेबल सुरेश वत्स के परिजनो को मुख्यंमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 40 लाख रुपए का मुआवजा देने का ऐलान किया है।
गाजीपुर में जो घटना हुई है वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की रैली स्थल से 14 किलोमीटर दूर हुई है। निषाद पार्टी के लोगों ने पहले शनिवार को दोपहर में सड़क को बैरीकेडिंग लगा दी थी और आवागमन रोक दिया था, जिसके बाद चार लोगों को गिरफ्तार कर लिया गया था। ये लोग आरक्षण की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे थे। साथियों की गिरफ्तारी के बाद शाम को 5.30 बजे ये प्रदर्शनकारी एक बार फिर से जमा हो गए। तकरीबन 100-150 प्रदर्शनकारियों ने अटवारा के पास सड़क को जाम कर दिया और चार साथियों की रिहाई की मांग करने लगे।
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