गाजियाबाद में दर्दनाक हादसा: नंगे तार पर पड़ा बेटी को स्कूल छोड़कर आ रहे शख्स का पैर, करंट लगने से मौत
गाजियाबाद। दिल्ली से सटे उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद जिले के इंदिरापुरम इलाके में एक ऐसी दर्दनाक घटना सामने आई है जिसे जानकर आप सिहर उठेंगे। शासन की लापरवाही से खुले पड़े तार ने एक शख्स की जिंदगी ही उससे छीन ली। मृतक की पहचान 34 वर्षीय सरोजकांत दास के रूप में हुई है और वो एक प्राइवेट कंपनी में बतौर मैनेजर नौकरी करते थे। बताया जा रहा है कि सरोजकांत अपनी बच्ची को स्कूल छोड़कर वापस आ रहे थे तभी सड़क किनारे गिरी नंगी तार पर उनका पैर पड़ गया और मौके पर ही उनकी मौत हो गई।

कैसे हुआ हादसा
मौके पर मौजूद लोगों ने बताया कि सुबह जब सरोजकांत बच्ची को स्कूल छोड़कर वापस आ रहे थे तब पार्क में जमा पानी में करंट आ रहा था। वह उसी दौरान करंट की चपेट में आ गए। बताया जा रहा है कि आरडब्ल्यूए और विद्युत निगम को 4 माह पूर्व ही स्थानीय लोगों ने शिप्रा सनसिटी फेस वन व फेस-2 में जगह-जगह खुले नंगे तारों को ठीक कराने के लिए पत्र भेजा था। इस पूरे काम के लिए लगभग 15 लाख रुपये का एस्टीमेट भी तय हुआ था, लेकिन यह कार्य नहीं हुआ। लोगों का आरोप है कि इसी कारण बृहस्पतिवार को यह दुखद घटना हुई है। लोगों ने पूरे मामले में पुलिस को भी शिकायत देने की तैयारी कर ली है।

बिजली विभाग की लापरवाही
बिजली विभाग ने अगर समय रहते मेंटनेंस पर ध्यान दिया होता तो खुला पड़ा यह तार जानलेवा नहीं बनता। हर साल बरसात से पहले नगर निगम के अलावा बिजली और पथनिर्माण विभाग मेंटनेंस वर्क करता है। लेकिन इस तरह की दर्दनाक घटना से साफ है कि मेंटनेंस वर्क के नाम पर लापरवाही बरती जा रही है।

अचानक धंस गई सड़क
इंदिरापुरम के ही सेट वसुधंरा में भी एक बड़ा हादसा हुआ है। जिस उत्तर प्रदेश की सड़कों को योगी सरकार ने गड्ढा मुक्त करने का दावा किया था वहां बारिश की वजह से सड़क में गड्डे ने तालाब का रूप ले लिया है। वसुंधरा के वार्तालोक सोसायटी के बाहर की सड़क अचानक से धंस गई और बारिश का पानी झरने की तरह गड्डों में जगह बनाने की कोशिश करने लगा।












Click it and Unblock the Notifications