Covid19: लॉकडाउन से बाहर निकालने के लिए जर्मनी एक लाख नागरिकों का कराएगा एंटीबॉडी टेस्ट!
बेंगलुरू। महामारी कोरोना वायरस के चलते घरों में बंद करीब एक लाख लोगों को लॉकडाउन से बाहर निकालने के लिए जर्मनी अगले कुछ हफ्तों में लोगों को कोरोना वायरस एंटीबॉडी टेस्ट करने जा रहा है, यह टेस्ट एक वृहद ट्रायल का हिस्सा है। हालांकि कोरोना प्रभावित ब्रिटेन में अभी तक एंटीबॉडीोटेस्ट की मंजूरी नहीं मिली है।

दरअसल, यह स्टडी अधिकारियों को यह निर्धारित करने की अनुमति देगा कि पहले से ही घातक संक्रमण की चपेट में आ चुके लोग क्यों दोबारा उसके शिकार हो रहे हैं। जर्मनी से इतर ब्रिटिश स्वास्थ्य प्रमुखों ने अभी भी कोरोनो वायरस एंटीबॉडी टेस्ट को मंजूरी नहीं दी है जबकि उन्होंने वादा किया था कि DIY किट अप्रैल के मध्य तक उपयोग के लिए तैयार हो जाएंगे।

गौरतलब है हर दिन जर्मनी लगभग 1 लाख पीसीआर परीक्षणों का विश्लेषण करता है, जो कि गले का सूजन से जुड़ा हैं। यह टेस्ट कोरोना वायर सके सक्रिय संक्रमण को पकड़ता हैं जबकि पुराने संक्रमणों का परीक्षण उंगली-चुभन एंटीबॉडी टेस्ट से होते हैं।

शोधकर्ता डेटा के आधार पर सरकार को सलाह देते हैं कि स्कूलों को फिर से कब खोला जाएगा और लोगों को दोबारा सामूहिक समारोहों में जाने की अनुमति दी जाएगी। ध्यान देने वाली बात यह है कि जर्मनी की तुलना में ब्रिटेन में टेस्ट का यह दर 10 गुना कम है, जिसके लिए विशेषज्ञों ने सुविधाओं की कमी के बजाय 'संगठन' पर दोषी ठहराया है।

महामारी के प्रकोप को धीमा करने में दक्षिण कोरिया की सफलता से सबक लेते हुए जर्मनी भी एक दिन में 2 लाख लोगों का कोरोनो वायरस के लिए परीक्षण करने की भी योजना बना रहा है। हालांकि जर्मनी अन्य यूरोपीय देश की तुलना में प्रति सप्ताह 5 लाख से अधिक लोगों का परीक्षण कर रहा है, लेकिन नवीनतम योजना से टेस्ट की क्षमता से दोगुनी से अधिक होंगी।

जर्मनी में आधिकारिक आंकड़े बताते हैं कि वहां अभी तक कुल 60,000 लोग संक्रमित हुए हैं और वहां 600 की मौत हुई है। यानी जर्मनी में संक्रमित मरीजों में मृत्यु दर महज 1 फीसदी है। जर्मनी में खुद चांसलर एंजेला मर्केल COVID-19 महामारी से निपटने के लिए आगे आई हैं, जिससे दुनिया भर में 8 लाख से अधिक को संक्रमित किया है।
यही कारण है कि लेबर पार्टी के सैडो हेल्थ सेक्रेटरी ने बीती रात नंबर 10 से आग्रह किया कि जर्मनी के दृष्टिकोण का पालन करें और प्रकोप पर काबू पाने के लिए एंटीबॉडी परीक्षणों को शुरू करें। सैडो हेल्थ सेक्रेटरी जोनाथन एशवर्थ ने कहा कि जर्मनी परीक्षण में सबसे आगे है और हमें उनके दृष्टिकोण से बहुत कुछ सीखना है।

ब्रिटिश स्वास्थ्य प्रमुखों ने कहा है कि वो करोड़ों ब्रिटिश नागरिकों को लॉकडाउन से बाहर निकालने के लिए जर्मनी की तरह कोरोनोवायरस इम्युनिटी सर्टिफिकेट देना शुरू कर सकते हैं। अन्यथा, इस बात पर नज़र रखने का कोई आधिकारिक तरीका नहीं है कि कौन पहले से ही वायरस से जूझ चुका है और किसी तरह की प्रतिरक्षा विकसित कर चुका है।
इंग्लैंड के पब्लिक हेल्थ मेडिकल निदेशक प्रोफेसर यवोन डोयले ने कहा कि सरकार ने 1.75 करोड़ DIY एंटीबॉडी परीक्षणों का आदेश दिया था, जिनका मूल्यांकन अभी भी किया गया है। उनकी यह टिप्पणी एक उंगली की चुभन किट निर्माता की चेतावनी के बाद आई है, जब उन्होंने कहा कि ब्रिटेन में घर पर उपयोग के लिए एंटीबॉडी टेस्ट तैयार होने में छह सप्ताह लग सकते हैं।

आशंका है कि लैब में परीक्षणों का विश्लेषण करने के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले रसायनों की वैश्विक कमी भी टेस्ट को बढ़ाने के प्रयासों में बाधा बन सकती है। बताया जा रहा है कि 1.75 करोड़ होम-किट बनाने के लिए बायोस्योर नामक एक कंपनी और सरकार के बीच बातचीत चल रही है।
संभवतः ब्रिटेन ने बॉयोस्योर कंपनी को DIY एंटीबॉडी के किट उत्पादन के तैयार होने के लिए कहा गया है, लेकिन अभी तक किसी भी DIY एंटीबॉडी परीक्षण को मंजूरी नहीं दी गई है, जिसका अर्थ है कि कंपनी कठोर मेडिकल परीक्षण विफल होने पर बड़े पैमाने पर उत्पादन करने वाली किटों को बंद कर रही है।

मामले पर बायोस्योर के मुख्य कार्यकारी ब्रिगेट बार्ड ने होम टेस्ट किट में देरी की चेतावनी दी है। यानी कि मई के मध्य तक ब्रिटेन के लोगों के लिए यह किट उपलब्ध नहीं होगी। रविवार को यह दावा किया गया था कि अधिकारियों ने ब्रिटेन में अप्रैल के मध्य में शुरू होने के लिए लाखों घर एंटीबॉडी परीक्षण खरीदने के लिए सौदों पर सहमति व्यक्त की थी।

ऐसा लगता है कि ब्रिटेन में वर्तमान में एक दिन में 10,000 परीक्षण नहीं हो रहे है जबकि ब्रिटिश कोरोना वायरस से बुरी तरह से संघर्ष का सामना कर रहे हैं। हालांकि रविवार को मंत्रियों ने दावा किया है कि एक दिन में 10,000 परीक्षणों के लक्ष्य तक पहुंच गए हैं।
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