पत्रकार गौरी लंकेश को 1 हफ्ते पहले ही हो गई थी मर्डर की आहट
बेंगलुरू। पत्रकार गौरी लंकेश की हत्या ने बहुत सारे सवाल खड़े कर दिए हैं। कर्नाटक से लेकर दिल्ली तक इस मौत के खिलाफ लोग खड़े हुए हैं और न्याय की मांग कर रहे हैं। तो वहीं अब एक चौंकाने वाली बात भी सामने आई है कि गौरी लंकेश को शायद संभावित मौत की आहट 1 हफ्ते पहले ही हो गई थी। जिसके बारे में उन्होंने अपनी मां और बहन कविता लंकेश से बात भी की थी।

संदिग्ध लोग दिखाई देते हैं
गौरी ने अपनी फैमिली से कहा था कि आजकल उन्हें अपने घर के पास कुछ संदिग्ध लोग दिखाई देते हैं। हालांकि गौरी से भूल ये हो गई कि उन्होंने इस विषय पर पुलिस से कोई मदद नहीं ली, अगर ली होती तो शायद उन्हें इस तरह से दुनिया को अलविदा ना कहना होता।
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गौरी की बहन कविता लंकेश
मालूम हो कि गौरी की बहन कविता लंकेश ने पुलिस को दिए बयान में कहा है कि 1 हफ्ते पहले ही गौरी बानाशंकरी स्थित मेरे घर बीमार मां को देखने आई थी। उस वक्त गौरी अपनी सुरक्षा को लेकर चिंतित थी। उसने कहा था कि कुछ संदिग्ध उसके घर के आसपास घूमते रहते हैं।

गौरी के भाई
मैंने और मेरी मां ने इस बारे में उसे पुलिस से बात करने की सलाह दी। लेकिन गौरी ने कहा कि यदि अगली बार ऐसे लोग उसे दिखेंगे तो वह जरूर पुलिस से शिकायत करेगी औऱ इसी वजह से गौरी के भाई ने इस मामले की जांच सीबीआई से कराने की मांग की थी।

दक्षिणपंथियों की आलोचक
गौरतलब है कि वरिष्ठ पत्रकार और दक्षिणपंथियों की आलोचक रही गौरी लंकेश की मंगलवार शाम बेंगलुरु में गोली मारकर हत्या कर दी गई। ये हत्या उन्हीं के घर पर हुई। 55 साल की गौरी 'लंकेश पत्रिका' का संचालन कर रही थीं जो उनके पिता पी लंकेश ने शुरू की थी। इस पत्रिका के ज़रिए उन्होंने 'कम्युनल हार्मनी फ़ोरम' को काफी बढ़ावा दिया।

सीनियर ऑफिसर के अंडर में एसआईटी गठित
गौरी को पिछले कुछ सालों से श्रीराम सेने जैसी दक्षिणपंथी विचारधारा वाले संगठनों से कथित तौर पर धमकियां मिल रही थीं। बीजेपी के एक नेता ने उनके ख़िलाफ मानहानि का दावा भी किया था और इसी कारण शक की सुई इन्हीं लोगों की ओर घूम रही है लेकिन जांच के पहले कुछ भी कहना अनुचित है। फिलहाल इस मामले की जांच के लिए एक सीनियर ऑफिसर के अंडर में एसआईटी गठित की गई है, जो मामले को देख रही है।












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