Get Updates
Get notified of breaking news, exclusive insights, and must-see stories!

Lawrence Bishnoi की गर्लफ्रेंड को जिंदा जलाया गया? 10वीं में इश्क, शादी का था प्लान, बदले ने बनाया गैंगस्टर!

Lawrence Bishnoi Love Story: साबरमती सेंट्रल जेल की ठंडी सलाखों के पीछे से भी लॉरेंस बिश्नोई का नाम खौफ पैदा करता है। 31 साल का लॉरेंस आज 700 से ज्यादा शूटर्स का सरदार है। पंजाब, राजस्थान, महाराष्ट्र - हर जगह उसका नाम। सिद्दू मूसेवाला, NCP के दिग्गज नेता बाबा सिद्दीकी की हत्या की जिम्मेदारी लेने और सलमान खान को जान से मारने का इरादा रखने वाला यह गैंगस्टर, कभी एक साधारण स्टूडेंट था।

लेकिन 10वीं क्लास का एक मासूम इश्क और कॉलेज की राजनीति ने सबकुछ उलट-पुलट कर दिया। क्या सचमुच लॉरेंस की गर्लफ्रेंड को दुश्मनों ने जिंदा जला दिया था? कौन थी वो? आइए, खोलते हैं लॉरेंस की लव लाइफ के वो पन्ने, जो प्यार से बदले की आग तक पहुंचे। क्या यह सिर्फ एक हादसा था, या क्राइम की दुनिया में एंट्री का टर्निंग पॉइंट?

Lawrence Bishnoi love story

Who Was Lawrence Bishnoi GF Kajal: कौन थी काजल? जो बन गई लॉरेंस की मासूम मोहब्बत

साल था 2008। पंजाब के अबोहर के एक साधारण कॉन्वेंट स्कूल में पढ़ने वाला 15 साल का लॉरेंस बिश्नोई (असली नाम: बलकरण बरार) अपनी ही क्लास की लड़की काजल (Lawrence Bishnoi Girlfriend) पर फिदा हो गया। लॉरेंस, जो हरियाणा पुलिस के कांस्टेबल पिता के बेटे के रूप में एक सुरक्षित जिंदगी जी रहा था, ने काजल को प्रपोज किया। काजल को भी लॉरेंस का साथ भाया। दोनों की दोस्ती जल्द ही प्यार में बदल गई। 'कॉलेज के बाद शादी कर लेंगे,' यही सपना था दोनों का।

Lawrence Bishnoi Love Story

लॉरेंस ने अपनी शुरुआती पढ़ाई पंजाब के अबोहर में पूरी की, फिर काजल के साथ चंडीगढ़ के मशहूर डीएवी कॉलेज में एडमिशन ले लिया। यहां दोनों साथ-साथ क्लास अटेंड करते, कैंटीन में चाय पीते और भविष्य के ख्वाब बुनते। लेकिन कॉलेज की चकाचौंध ने लॉरेंस को स्टूडेंट पॉलिटिक्स की ओर खींच लिया। क्या पता था कि यह कदम उनकी जिंदगी का सबसे काला मोड़ साबित होगा?

Lawrence Bishnoi Love Story

कॉलेज इलेक्शन का खूनी खेल: प्यार से दुश्मनी तक का सफर

2010-11 का दौर था। लॉरेंस ने डीएवी कॉलेज में अपनी खुद की स्टूडेंट गैंग बना ली - स्टूडेंट ऑर्गेनाइजेशन ऑफ पंजाब यूनिवर्सिटी (SOPU)। यह गैंग स्टूडेंट यूनियन के प्रेसिडेंट इलेक्शन के लिए मैदान में उतरी। लॉरेंस और उसके दोस्तों ने जोर-शोर से कैंपेनिंग की, लेकिन हार का घूंट पीना पड़ा। विरोधी गैंग - जो कैंपस की सत्ता पर काबिज थी - ने जीत का जश्न मनाया, लेकिन हार से लॉरेंस का गुस्सा भड़क गया।

दुश्मनी बढ़ती गई। दोनों ग्रुप्स आमने-सामने हो गए। रिपोर्ट्स के मुताबिक, विरोधी गुट ने लॉरेंस को सबक सिखाने के लिए उसकी सबसे कमजोर कड़ी पर निशाना साधा - काजल पर। 2011 में एक हिंसक झड़प के दौरान काजल को कैंपस पर ही घेर लिया गया। दावा है कि दुश्मनों ने उसे आग के हवाले कर दिया। काजल जिंदा जल गई। पुलिस ने इसे 'हादसा' करार दिया, लेकिन लॉरेंस के लिए यह बदले की आग का बहाना था।

Lawrence Bishnoi Love Story

बदले की लपटें: स्टूडेंट से गैंगस्टर बनने का खौफनाक सफर

काजल की मौत ने लॉरेंस को तोड़ दिया। वह पढ़ाई छोड़कर SOPU को एक फुल-ब्लो क्राइम सिंडिकेट में बदलने लगा। 'मेरा प्यार छीन लिया, अब मैं सबका बदला लूंगा,' यही आग बिश्नोई के सीने में सुलग रही थी। उसने रिवॉल्वर खरीदी और उन सभी पर गोली चलाई, जिन पर काजल की मौत का शक था। 2014 में पहली बार पकड़े जाने के बाद भी, जेल से बाहर आते ही उसका गैंग और मजबूत हो गया।

आज लॉरेंस, जो 2014 से जेल में सड़ रहा है (साबरमती सेंट्रल जेल, अहमदाबाद), अपना साम्राज्य फोन और 'सेटिंग्स' के जरिए चला रहा है। गोल्डी ब्रार जैसे दोस्तों ने कैंपस की दुश्मनी को नेशनल क्राइम में बदल दिया। सिद्धू मूसेवाला की हत्या से लेकर बाबा सिद्दीकी का कत्ल - हर घटना में लॉरेंस का नाम। लेकिन क्या यह सब काजल के बदले की आग का नतीजा है? लॉरेंस ने खुद कभी इसे नकारा नहीं, बल्कि कहा है कि 'कजिन की मौत ने मुझे क्राइम में धकेला' - हालांकि ज्यादातर सोर्स काजल की मौत को टर्निंग पॉइंट मानते हैं।

ये भी पढ़ें- Lawrence Bishnoi Gang कनाडा में आतंकवादी संगठन घोषित, कैसे बना 'डॉन’? जेल से चलाता है आतंक का साम्राज्य

मासूम इश्क ने एक एम्पायर जन्मा

काजल का नाम आज भी लॉरेंस की कहानी का सबसे दर्दनाक चैप्टर है। क्या लॉरेंस आज भी उस प्यार को याद करता है? जेल के इंटरव्यू में वह कहता है, 'मैं स्टूडेंट ही हूं, जिंदगी ने मुझे बदल दिया।' लेकिन सच्चाई तो यह है कि एक मासूम इश्क ने एक एम्पायर जन्मा, जो आज सलमान खान से लेकर पॉलिटिशियंस तक को खौफजदा कर रहा है।

आज का लॉरेंस: जेल से चलता क्राइम का खेल, लेकिन प्यार की यादें बाकी

31 साल का लॉरेंस आज 700 से ज्यादा शूटर्स का सरदार है। पंजाब, राजस्थान, महाराष्ट्र - हर जगह उसका नाम। लेकिन काजल की मौत के बाद से वह बदला ही लेता रहा। क्या यह ट्रेजडी ने एक अच्छे स्टूडेंट को गैंगस्टर बनाया, या यह सिर्फ बहाना था?

ये भी पढ़ें- Lawrence Bishnoi Interview: 'अहंकार रावण का भी न रहा, मेरे जीवन का एक लक्ष्य Salman Khan की मौत'

Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+