क्या अलगाववादी अमृतपाल का चल रहा जेल में शासन? सेल से बरामद ऐसे कई इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स
अंग्रेजों द्वारा बनाई गई असम स्थित डिब्रूगढ़ सेंट्रल जेल में इन दिनों अलगाववादी का शासन चल रहा है। इस बात के सबूत खुद जेल में ली की गई तलाशी में सामने आ रहे हैं।
शनिवार को तलाशी में विभिन्न इलेक्ट्रॉनिक उपकरण मिले। जिसमें जैसे कि एक सिम कार्ड वाला स्मार्टफोन, एक कीपैड फोन, एक कीबोर्ड के साथ एक टीवी रिमोट, एक स्पाईकैम पेन, पेन ड्राइव, ब्लूटूथ हेडफ़ोन और स्पीकर शामिल हैं। खास बात यह है कि इसी जेल में अलगाववादी नेता और 'वारिस पंजाब दे' प्रमुख अमृतपाल सिंह और उनके 9 सहयोगी बंद हैं। डिब्रूगढ़ सेंट्रल जेल से बड़े सुरक्षा उल्लंघन की सूचना से पुलिस प्रशासन पूरी तरह से हिल गया है।

आपको बता दें कि संगठन पर कार्रवाई के दौरान पंजाब के विभिन्न हिस्सों से राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम (एनएसए) के तहत गिरफ्तारी के बाद वे पिछले साल 19 मार्च से जेल में बंद हैं। आइए जानते हैं क्या-क्या मिला?
पुलिस महानिदेशक जीपी सिंह ने खुलासा किया कि अनधिकृत गतिविधियों का संकेत देने वाली खुफिया जानकारी के आधार पर जेल कर्मचारियों द्वारा परिसर की तलाशी ली गई थी। तलाशी में विभिन्न इलेक्ट्रॉनिक उपकरण मिले, जैसे एक सिम कार्ड वाला स्मार्टफोन, एक कीपैड फोन, एक कीबोर्ड के साथ एक टीवी रिमोट, एक स्पाई कैमरा पेन, पेन ड्राइव, ब्लूटूथ हेडफोन और स्पीकर पाया गया। जेल कर्मचारियों ने इन वस्तुओं को जब्त कर लिया। इन "अनधिकृत वस्तुओं" के स्रोत और प्रेरण के तरीके को निर्धारित करने के लिए जांच चल रही है।
बढ़ाई जाएगी सख्ती
डीजीपी सिंह ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट किया कि एनएसए ब्लॉक के सार्वजनिक क्षेत्र में होने वाली अनधिकृत गतिविधियों के बारे में जानकारी मिलने के बाद वहां अतिरिक्त सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। उन्होंने आगे कहा कि भविष्य में ऐसी घटनाओं से बचने के लिए अतिरिक्त कानूनी कार्रवाई और निवारक उपाय लागू किए जा रहे हैं।
आपको बता दें कि डिब्रूगढ़ जेल, पूर्वोत्तर की सबसे पुरानी और उच्च सुरक्षा वाली जेलों में से एक है। इस जेल का निर्माण 1859-60 में अंग्रेजों द्वारा किया गया था।












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