राज्यसभा में विपक्ष के हंगामे पर छलका उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू का दर्द, कहा- यह देशहित में नहीं
नई दिल्ली। शुक्रवार को भी राज्यसभा की कार्यवाही हंगामें की भेंट चढ़ गई। विपक्ष के हंगामे के बाद उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू ने राज्यसभा को बुधवार को स्थगित कर दिया। वेंकैया नायडू ने संसद को बार बार स्थगित किए जाने पर नाराजगी जताते हुए कहा कि इस तरह संसद को नहीं चलने देना देशहित में नहीं है।

शीतकालीन सत्र के पहले दिन से हो रहा है हंगामा
बता दें कि संसद के शीतकालीन सत्र के पहले दिन से विपक्ष मांग कर रहा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गुजरात चुनाव के दौरान मनमोहन सिंह के ऊपर की गई टिप्पणी के लिए माफी मांगे। विपक्ष की इस मांग के चलते संसद की कार्यवाही को अब तक कई बार स्थगित किया जा चुका है। गुरवार को पहली बार राज्यसभा में बोलने के लिए खड़े हुए सचिन तेंदुलकर को भी इस हंगामें के वजह से बिना बोले ही संसद से जाना पड़ा।

'यह देशहित में नहीं'
संसद में पक्ष और विपक्ष के बीच इस जारी गतिरोध पर वेंकैया नायडू ने नाराजगी जताते हुए कहा, 'इन दिनों, संसद का शीतकालीन सत्र चल रहा है जो कि चल रहा है और स्थगित हो रहा है। यह देश के लिए अच्छी बात नहीं है।' उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू ने ये बातें इंटीग्रेटेड ट्रांजिट कॉरिडोर डेवलेपेंट प्रोजेक्ट के उद्घाटन पर कहीं।

कांग्रेस का ये है आरोप
कांग्रेस ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पर आरोप लगाया कि 'पाकिस्तान के साथ साजिश करने के आरोप पर कार्रवाई नहीं कर उन्होंने संविधान एवं पद की मर्यादा का उल्लंघन किया है।' यह आरोप प्रधानमंत्री मोदी ने गुजरात चुनाव के दौरान पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और अन्य पर कथित रूप से लगाया था। कांग्रेस ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी को कम से कम अपनी टिप्पणी पर स्पष्टीकरण देना चाहिए। पार्टी ने कहा कि यदि ऐसा प्रधानमंत्री के रूप में अटल बिहारी वाजेपयी के साथ हुआ होता तो उन्होंने 10 बार माफी मांगी होती।












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