CAA Protest: लखनऊ में प्रदर्शन के दौरान मृत लोगों के परिजनों से मिलेगा TMC का प्रतिनिधिमंडल
कोलकाता। नागरिकता संशोधन कानून के विरोध में उत्तर प्रदेश को सबसे ज्यादा हिंसक प्रदर्शन झेलना पड़ा है। 10 दिसंबर से यूपी में हो रहे उग्र प्रदर्शन में कई लोग घायल हो गए और 15 लोगों की जान चली गई। अब इस मामले पर राजनीति भी शुरू हो गई है, विपक्षी पार्टियों ने बीजेपी को घेरना शुरू कर दिया। मिली जानकारी के मुताबिक लखनऊ में हुए हिंसक प्रदर्शन का जायजा लेने के लिए तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के चार नेताओं का एक प्रतिनिधि दल यूपी की राजधानी जाने वाला है।

इस दौरान टीमसी नेता पीड़ितों के परिवारों से मुलाकात करेंगे, मिली जानकारी के मुताबिक इस दल में दिनेश त्रिवेदी, प्रतिमा मंडल, मोहम्मद नदीमुल हक और अबीर विश्वास का नाम शामिल है। बता दें कि टीएमसी का प्रतिनिधी दल 21 दिसंबर को लखनऊ पहुंचेगा और 22 दिसंबर को मृतक के परिजनों से मुलाकात करेंगे। गौरतलब है कि प्रदेश में सीएए के खिलाफ हिंसा काफी ज्यादा बढ़ गई और इसमें कुछ पुलिस वाले भी घायल हो गए हैं।
705 लोगों को पुलिस ने किया गिरफ्तार
नागरिकता संशोधन बिल के कानून बनने के बाद पूरे देश में हिंसक प्रदर्शन शुरू हो गए थे। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ समेत कई जिलों में उग्र प्रदर्शन देखने को मिला। वहीं, पुलिस महानिरीक्षक (कानून व्यवस्था) प्रवीण कुमार ने बताया कि 'राज्य में नागरिकता कानून के खिलाफ हो रहे 10 दिसंबर से प्रदर्शन में 705 लोग गिरफ्तार किए गए हैं जबकि 4500 लोगों को ऐहतियातन गिरफ्तारी के बाद रिहा कर दिया गया। हीं, इन घटनाओं में 15 लोगों की मौत हुई है, 263 पुलिसकर्मी हिंसक प्रदर्शनों में घायल हुए हैं, जिनमें से 57 लोग आग से झुलसे हैं। फिलहाल सभी की हालत खतरे बाहर है। इससे पहले डीजीपी ओपी सिंह ने बताया था कि पुलिस ने प्रदेश भर में करीब 3500 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। लखनऊ में 218 लोगों को गिरफ्तार किया गया है।












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