बिल क्लिंटन ने कहा, गुजरात की हिंसा को अब भूलने की जरूरत

साथ ही सलाह भी दे दी कि गुजरात में जो कुछ भी हुआ, अब दुनिया को उसे भूलने की जरूरत है। क्लिंटन की मानें तो उस हिंसा को याद रखने की कोई जरूरत नहीं है।
क्लिंटन का यह बयान इस बात के साफ संकेत हैं कि किस तरह से अमेरिका के मोदी के लिए अपने रुख में बदलाव लाया है। एक न्यूज चैनल के साथ बातचीत में क्लिंटन ने कहा कि उन्होंने नरेंद्र मोदी को काम करते हुए देखा है और वह उनके आर्थिक सुधारों से काफी प्रभावित हैं।
क्लिंटन ने इस इंटरव्यू में कहा कि अमेरिका की वह नीति अब पूरी तरह से खत्म हो चुकी है जिसके तहत नरेंद्र मोदी के साथ किसी भी तरह का संवाद या फिर बातचीत को प्रतिबंधित किया गया था।
क्लिंटन की मानें तो जिस समय नरेंद्र मोदी गुजरात के मुख्यमंत्री थे, तो उन्होंने उस समय मोदी के पूरे करियर को पल-पल देखा है। क्लिंटन मानते हैं कि बतौर मुख्यमंत्री मोदी का करियर काफी बेहतरीन रहा है।
अपने इस इंटरव्यू में क्लिंटन ने बताया कि उन्होंने देखा कि नरेंद्र मोदी ने किस तरह से पाकिस्तान के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अपने शपथ ग्रहण समारोह में आमंत्रित किया।
क्लिंटन मानते हैं कि मोदी का यह कदम इस बात को बताने के लिए काफी है कि वह मुसलमानों के बीच किस तरह का संदेश देना चाहते थे। क्लिंटन यह कहना भी नहीं भूले कि नरेंद्र मोदी बतौर प्रधानमंत्री यह साबित करना चाहते हैं कि वह सभी के लिए शासन करने आए हैं।
उन्होंने जानकारी दी कि दुनिया के सभी देश यह मानते हैं कि मोदी में एक अंतर पैदा करने की क्षमता है और वह भारत को काफी आगे तक लेकर जाने वाले हैं।












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