पूजा खेडकर के पिता की बढ़ी मुसीबत, पुलिस ने इस मामले में दर्ज की FIR
महाराष्ट्र में की पूर्व ट्रेनी आईएएस अधिकारी पूजा खेडकर के पिता दिलीप खेडकर के खिलाफ एफआई दर्ज की गई है। ये एफआई जून 2024 में कलेक्टर कार्यालय में हुई एक घटना से जुड़ी है। कथित तौर पर "अपनी बेटी के लिए अलग केबिन" एलॉट करने को लेकर पुणे के कलेक्ट्रेट कार्यालय में अधिकारियों को धमकाया था। उन पर सरकारी कर्मचारियों को धमकाने और उनके काम में बाधा डालने का आरोप में ये एफआईआर दर्ज हुई है।

पुलिस उपायुक्त स्मार्थना पाटिल ने बताया "कल रात बंडगार्डन पुलिस स्टेशन में आईपीसी की धारा 186, 504 और 506 के तहत मामला दर्ज किया गया है।"
एफआई में लिखवाई गई शिकायत के अनुसार महाराष्ट्र की पूर्व ट्रेनी आईएएस पूजा खेडकर जब सहायक कलेक्टर के पद पर तैनात थी तब उस दौरान उनके पिता दिलीप खेडकर ने तहसीलदार दीपक अकाडे को धमकाया था।
ट्रेनी आईएस अधिकारी के पिता का प्रशासनिक मामलों में हस्तक्षेप करने का कोई अधिकार न होने के बावजूद अपनी बेटी के लिए केबिन की मांग की।
दिलीप खेडकर पर ये भी है आरोप
दिलीप खेडकर, एक सेवानिवृत्त सरकारी अधिकारी, पुणे में पौड पुलिस द्वारा दर्ज एक अन्य आपराधिक धमकी मामले में भी उलझे हुए हैं। यह मामला उनकी पत्नी मनोरमा से जुड़ा है, जिन पर मुलशी इलाके में एक ज़मीन विवाद को लेकर किसी पर बंदूक तानने का आरोप है। जबकि दिलीप ने इस मामले में अग्रिम ज़मानत हासिल कर ली थी, मनोरमा को पुणे ग्रामीण पुलिस ने गिरफ़्तार कर लिया था और बाद में अदालत ने उन्हें ज़मानत पर रिहा कर दिया था।
पूजा खेडकर के खिलाफ दर्ज एफआईआर में आरोप लगाया गया है कि उन्होंने सिविल सेवा परीक्षा में अनुमति से अधिक अवसर पाने के लिए अपनी पहचान गलत बताई। संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) ने उनका चयन रद्द कर दिया और उन्हें भविष्य की सभी परीक्षाओं और चयनों से स्थायी रूप से प्रतिबंधित कर दिया। दिल्ली में उनके खिलाफ दर्ज एफआईआर के बाद से वह फिलहाल लापता हैं।
पूजा खेडकर के मामले में 12 अगस्त को होगी सुनवाई
शुक्रवार को दिल्ली उच्च न्यायालय ने पूजा खेडकर की याचिका पर सुनवाई के लिए 12 अगस्त की तारीख तय की है, जिसमें जिला अदालत द्वारा उनकी अग्रिम जमानत खारिज किए जाने को चुनौती दी गई है। उन पर यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा, 2022 के आवेदन में 'गलत जानकारी प्रस्तुत करने' का आरोप है।
2023 बैच की अधिकारी पर पुणे जिला कलेक्ट्रेट में अपने प्रशिक्षण के दौरान उन भत्तों और सुविधाओं का अनुरोध करके अपनी शक्ति और विशेषाधिकारों का दुरुपयोग करने का भी आरोप है, जिनकी वह हकदार नहीं थीं।
बता दें 2022 में पूजा ने यशवंतराव चव्हाण मेमोरियल (YCM) अस्पताल से 7 प्रतिशत लोकोमोटर विकलांगता प्रमाणपत्र प्राप्त किया। हालांकि फिजियोथेरेपी विभाग ने कोई विकलांगता नहीं बताई। उसने कथित तौर पर नियमों का उल्लंघन करते हुए सिविल सेवा परीक्षा की अनुमति से ज़्यादा बार प्रयास करने के लिए इस प्रमाणपत्र का इस्तेमाल किया। जिस कारण उन्हें नौकरी से निकाल बाहर कर दिया गया।












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