कौन हैं पूर्व रॉ चीफ एएस दुलत? जो राहुल गांधी के साथ भारत जोड़ो यात्रा में हुए शामिल
एएस दुलत पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की सरकार में भारतीय खुफिया एजेंसी रॉ के प्रमुख थे।

कांग्रेस नेता राहुल गांधी की भारत जोड़ो यात्रा 6 दिन के ब्रेक के बाद आज फिर एक बार शुरू हो गई। यात्रा तीनों तक उत्तर प्रदेश में रहने वाली है। राहुल गांधी की इस यात्रा में आज एक बड़ा चेहरा शामिल हुआ है। रॉ के पूर्व चीफ एएस दुलत भारत जोड़ो यात्रा में राहुल गांधी के साथ चलते नजर आए। 5 जनवरी को ये यात्रा हरियाणा में प्रवेश करते। वहीं 10 जनवरी को यात्रा पंजाब पहुंचेगी।

वे साल 1999 से साल 2000 तक रॉ के चीफ रहे
रॉ के पूर्व चीफ एएस दुलत अपनी किताबों के चलते कई बार सुर्खियों में रहे हैं। एएस दुलत पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की सरकार में भारतीय खुफिया एजेंसी रॉ के प्रमुख थे। एएस दुलत ने उस समय की वाजपेयी सरकार पर ये आरोप लगाकर सनसनी फैला दी थी, कांधार हाईजैक को तत्कालीन सरकार ने ठीक से हैंडल नहीं किया था। वे साल 1999 से साल 2000 तक रॉ के चीफ रहे।

वे कश्मीर मामलों के गहन जानकार हैं
एएस दुलत मूल रूप से पंजाब से संबंध रखते हैं। उन्होंने पंजाब यूनिवर्सिटी से हिस्ट्री में एमए किया। वे 1965 में आईपीएस में आए। उनका कैडर राजस्थान था। राजस्थान में कुछ साल तक रहने के बाद वे केन्द्रीय पोस्टिंग में आ गए। उन्हें खुफिया मामलों का एक्सपर्ट माना जाता है। वे भारत के काठमांडू स्थित दूतावस में 1976-80 के बीच रहे। वे कश्मीर मामलों के गहन जानकार हैं।

रॉ के चीफ पद से रिटायर होने के बाद उनकी पीएमओ में एंट्री
एएस दुलत वर्ष 1989-90 में कश्मीर में इंटेलिजेंस ब्यूरो के स्टेशन हेड थे। उसी दौर में कश्मीरी पंडितों का पलायन हुआ और लाखों पंडित रातोंरात घर-बार छोड़ने को मजबूर हुए। रॉ के चीफ पद से रिटायर होने के बाद उन्हें सरकार प्रधानमंत्री कार्यालय में नियुक्त कर दिया। वे वहां पर साल 2001 से लेकर मई 2004 तक रहे। वर्ष 2014 में केंद्र में नरेंद्र मोदी सरकार के आने के बाद से वो कश्मीर मुद्दे पर काफी मुखर रहते हैं।

कारगिल युद्ध के दौरान इंटेलिजेंस ब्यूरो के विशेष निदेशक थे
कारगिल युद्ध के दौरान, इंटेलिजेंस ब्यूरो के विशेष निदेशक भी थे। एएस दुलत ने पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई के पूर्व प्रमुख असद दुर्रानी के साथ किताब लिखी- जासूसों की कहानी: रॉ, आईएसआई और शांति का भ्रम लिखी है। जिसमें उन्होंने कई चौंकाने वाले दावे किए हैं। 1999-2000 में जब दुलत रॉ चीफ थे तब दुर्रानी 1990-92 में आईएसआई के हेड थे।
Recommended Video













Click it and Unblock the Notifications