कौन मुस्लिम अफसर मुसलमानों को अल-कायदा से रखेगा दूर
नई दिल्ली(विवेक शुक्ला) इँटेलिजेंस ब्यूरो (आईबी) के पूर्व चीफ सैयद आसिफ इब्राहिम को सरकार ने एक बेहद अहम जिम्मेदारी सौंपी है। उन्हें भारत के मुसलमान नौजवानों को अल-कायदा सरीखे संगठनों से दूर रखना होगा। इस लिहाज से उन्हें देश-दुनिया के मुस्लिम नेताओं से संपर्क करना होगा।

उन्हें इस तरह की रणनीति पर काम करना होगा ताकि देश के मुस्लिम नौजवानों चरमपंथी संगठनों से दूर रहे। जाहिर ये बड़ी चुनौती है। आइये जाने उनके बारे में कुछ खास बातें।
- सैयद आसिफ इब्राहिम इंटेलिजेंस ब्यूरो के पहले मुस्लिम चीफ थे। वे 1 जनवरी, 2013 से लेकर 31 दिसंबर, 2014 तक इस पद पर रहे।
- वे मध्य कैडर के 1977 बैच के आईपीएस अफसर हैं।
- उनके बारे में कहा जाता है कि वे बेहद सख्त और कड़क अफसर हैं।
- सैयद आसिफ इब्राहिम को नई जिम्मेदारी पीएम नरेन्द्र मोदी के खासमखास अजित डोभाल ने दिलवाई है।
- वे बेहद पेशेवर अफसर माने जाते हैं।
- आईबी के चीफ रहते हुए उन्होंने इंडियन मुजाहिदिन के शिखर नेताओं का लगभग खात्मा कर दिया।
- उनके पश्चिमी एशियाई देशों में गहरे संपर्क-संबंध हैं।
- वे सीधे अजित डोभाल को ही रिपोर्ट करेंगे।
- सरकार मानती है कि सैयद आसिफ इब्राहिम में अपनी जिम्मेदारी को अंजाम देने के गुण मौजूद हैं।
- वे विभिन्न विषयों का गहन अध्ययन करते हैं।












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