'खतरों को टालने के लिए सरकार के पास कोई विकल्प नहीं', आर्थिक सर्वेक्षण पर पी चिदंबरम ने कसा तंज
उन्होंने अगले ट्वीट में लिखा कि नेविगेटर (CEA) को विंडशील्ड के माध्यम से आगे के रास्ते को देखना चाहिए था और चालक (वित्त मंत्री) को नुकसान के बारे में चेतावनी देनी चाहिए थी।

P Chidambaram on Economic Survey: केंद्रीय वित्त मंत्री कल यानी एक फरवरी को आम बजट पेश करेंगी। आम बजट से पहले वित्त मंत्री ने आज आर्थिक सर्वेक्षण पेश किया है। इसके बाद पूर्व वित्त मंत्री और कांग्रेस नेता पी चिदंबरम ने आर्थिक सर्वेक्षण को लेकर निशाना साधा है। उन्होंने ट्वीट कर लिखा कि ऐसा लगता है कि आर्थिक सर्वेक्षण किसी ऐसे व्यक्ति द्वारा लिखा गया है जो केवल रियर व्यू मिरर को देखते हुए यात्रा को नेविगेट कर रहा है।
इसके बाद उन्होंने अगले ट्वीट में लिखा कि नेविगेटर (CEA) को विंडशील्ड के माध्यम से आगे के रास्ते को देखना चाहिए था और चालक (वित्त मंत्री) को नुकसान के बारे में चेतावनी देनी चाहिए थी। साथ ही कहा कि पैराग्राफ 1.30 और 1.31 में, आर्थिक सर्वेक्षण सभी चेतावनी संकेतों को सूचीबद्ध करता है लेकिन उन खतरों को टालने के लिए सरकार के पास उपलब्ध विकल्पों को सूचीबद्ध नहीं करता है।
उन्होंने कहा कि तीन महत्वपूर्ण तथ्यों की पर्याप्त स्वीकार्यता नहीं है। पहला- विश्व विकास और विश्व व्यापार 2023-24 में धीमा हो जाएगा, दूसरा- कई उन्नत अर्थव्यवस्थाएं मंदी की चपेट में आ जाएंगी, तीसरा- वैश्विक सुरक्षा स्थिति बिगड़ जाएगी। यदि ये तीनों अमल में आते हैं, तो आर्थिक सर्वेक्षण इस बारे में चुप है कि भारतीय अर्थव्यवस्था को कैसे मैनेज किया जाएगा।
पूर्व वित्त मंत्री ने कहा कि मैं चाहता हूं कि मुख्य आर्थिक सलाहकार ने नॉर्थ ब्लॉक के बाहर कदम रखा होता और आर्थिक स्थिति के बारे में एक ऑब्जेक्टिव दृष्टिकोण लिया होता।
क्या होता है आर्थिक सर्वेक्षण
आम बजट पेश होने से ठीक एक दिन पहले आर्थिक सर्वेक्षण (Economic Survey) को सामने रखा जाता है। ये आर्थिक सर्वेक्षण बजट का मुख्य आधार होता है और इसमें इकोनॉमी की पूरी तस्वीर सामने आती है। इसके जरिए सरकार देश की अर्थव्यवस्था की ताजा हालत के बारे में बताती है।
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